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मीडिया डेस्क
खास बातें
एएन-32 का पूरा नाम एंटोनोव-32 है।
इस मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट में दो इंजन लगे होते हैं।
इसमें अधिकतम 50 लोग सवार हो सकते हैं।
यह विमान 55°C से भी अधिक के तापमान में 'टेक ऑफ' कर सकता है और 14, 800 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम है।
इस विमान में पायलट, को-पायलट, गनर, नेविगेटर और इंजीनियर सहित 5 क्रू-मेंबर होते हैं।
वायुसेना का एएन-32 विमान असम के जोरहाट से लापता हो गया है। इसमें 8 क्रू मेंबर, 5 यात्री समेत कुल 13 लोग सवार थे। बता दें कि सुखोई 30 और सी 130 विमान इसे खोजने में जुटे हैं। विमान एयरबेस से उड़ान भरने के बाद अरुणाचल प्रदेश के मेंचुका एयर फील्ड के ऊपर से लापता हो गया। बताया गया है कि ग्राउंड सोर्स से उसका आखिरी संपर्क दोपहर करीब 1 बजे हुआ था।
इससे पहले 2016 में चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर जा रहा एएन-32 विमान लापता हो गया था। उस समय विमान में भारतीय वायुसेना के 12 जवान, 6 क्रू-मेंबर, 1 नौसैनिक, 1 सेना का जवान और एक ही परिवार के 8 सदस्य मौजूद थे। इसकी तलाश में एक पनडुब्बी, आठ विमान और 13 पोत लगाए गए थे। तब इस विमान का लापता होना एक गुत्थी बन गया था। अह तक इसका ना मलबा मिला और ना ही यात्री।
भारतीय वायुसेना के बेड़े में इस वक्त करीब 100 एनएन-32 विमान हैं जो मुख्य तौर पर ट्रांसपोर्ट के काम में लगे हैं। दुनिया में करीब 240 विमान ऑपरेशनल हैं। इस वक्त भारतीय वायुसेना के अलावा श्रीलंका, अंगोला और यूक्रेन की वायुसेना के पास भी ये विमान हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस मामले में भारतीय वायुसेना के वाइस चीफ, एयर मार्शल राकेश सिंह भदौरिया से बातचीत की है। उन्होंने विमान खोजने के लिए किये जा रहे प्रयासों की रिपोर्ट
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