वाराणसी - घड़ा लेकर ढूंढोगे जल को तरसोगे" - Tahkikat News

आज का Tahkikat

Wednesday, 12 June 2019

वाराणसी - घड़ा लेकर ढूंढोगे जल को तरसोगे"

ब्यूरो वाराणसी कैलाश सिंह विकास

 जिस प्रकार से भूजल का स्तर तेजी से नीचे की ओर खिसकता जा रहा है, प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से पानी की बर्बादी की जा रही है। आने वाले दिनों में पानी की कमी को देखते हुए जल की विषम परिस्थितियों के बारे में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हाथों में खाली घड़ा लेकर "जल को तरसोगे घड़ा लेकर ढूंढोगे" के नारों के साथ सामाजिक संस्था सुबह ए बनारस क्लब के बैनर तले संस्था के अध्यक्ष मुकेश जायसवाल के नेतृत्व में एक जन जागरूकता अभियान पूर्वांचल की सबसे बड़ी खाद्य मंडी विशेश्वरगंज से मछोदरी तक चलाया गया। उपरोक्त अवसर पर संस्था के अध्यक्ष मुकेश जायसवाल ने कहा कि प्रकृति से छेड़छाड़ जगह-जगह पेड़ पौधों को काटकर तालाब को पाटकर कल कारखाना वह मकान बनने के कारण बारिश का धीरे- धीरे जरूरत से ज्यादा कम होना,भूजल स्तर के लिए श्राप बनता जा रहा है। आज जिस तेजी से भूजल का स्तर गिरता जा रहा है, यह आने वाले दिनों मे देश के लिए एक भयंकर अभिशाप बन जाएगा। श्री जायसवाल ने कहा कि अगर समय रहते जल की बर्बादी नहीं रोकी गई तो आने वाले समय में बूंद-बूंद जल के लिए सभी को तो तरसना पड़ेगा।


 पानी जहां हम सभी के जीवन के लिए सबसे जरूरी है वही हम कहीं ना कहीं यह जानते हुए भी पानी की दोषी बनते हैं। हमें जल संरक्षण करना ही होगा तभी हम बने रहेंगे।हमारी पीढ़ियां बचेगी,  बनारस में हर रोज करीब 75 एमएलडी पेयजल बर्बाद हो रहा है। इस बर्बादी को हम चाहे तो रोक सकते हैं, अगर हम अब भी नहीं चेते दो बूंद पानी के लिए तरस जायेंगे। यह सिर्फ कोरी बात नहीं है,इसके स्पष्ट संकेत मिलने लगे हैं। और इसके दुष्परिणाम भी आने लगे हैं।जगह-जगह हैंड पंप वह कुएं सूख गए हैं, गहरी बोरिंग भी पानी छोड़ने लगी है, ट्यूबवेल व नलकूप भी पानी उगलना भी बंद कर दिया है। क्योंकि जल ही जीवन है इसलिए जल संकट को अभी से महसूस करते हुए भावी पीढ़ी के जीवन को बचा ले, और पानी के बर्बादी से बचें।कार्यक्रम में मुख्य रूप से - मुकेश जायसवाल,नंदकुमार टोपी वाले, चंद्र शेखर चौधरी, अनिल केसरी, डॉ राजेश यादव,,रितेश गुप्ता, पंकज पाठक, विष्णु शर्मा,नत्थू लाल सोनकर,अभिषेक विश्वकर्मा, मनोज पाठक,सुनील अहमद खान, संजीव विश्वकर्मा,,राजेश श्रीवास्तव, जावेद अंसारी,अब्दुल कलाम हाशमी, सहित कई लोग शामिल थे।

No comments:

Post a Comment

तहकीकात डिजिटल मीडिया को भारत के ग्रामीण एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में समाज के अंतिम पंक्ति में जीवन यापन कर रहे लोगों को एक मंच प्रदान करने के लिए निर्माण किया गया है ,जिसके माध्यम से समाज के शोषित ,वंचित ,गरीब,पिछड़े लोगों के साथ किसान ,व्यापारी ,प्रतिनिधि ,प्रतिभावान व्यक्तियों एवं विदेश में रह रहे लोगों को ग्राम पंचायत की कालम के माध्यम से एक साथ जोड़कर उन्हें एक विश्वसनीय मंच प्रदान किया जायेगा एवं उनकी आवाज को बुलंद किया जायेगा।