जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लिए अब बहुत कुछ बदल चुका है। बुधवार को राष्ट्रपति की मंजूरी के साथ ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बन गए। सुरक्षा के लिहाज से वहां धारा 144 लगी है, लेकिन यहां जो सख्ती देखने को मिल रही है, वह कर्फ्यू से भी ज्यादा है। इंटरनेट सेवा बंद है, स्कूल-कॉलेजों पर ताला लटका है। मुख्य मार्गों और गलियों के मुहाने पर कांटेदार तार लगे हैं। इन परिस्थितियों के बीच केंद्र सरकार ने यहां पर बकरीद से पहले धारा 144 हटाने की योजना बनाई है।
जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लिए अब बहुत कुछ बदल चुका है। बुधवार को राष्ट्रपति की मंजूरी के साथ ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बन गए। सुरक्षा के लिहाज से वहां धारा 144 लगी है, लेकिन यहां जो सख्ती देखने को मिल रही है, वह कर्फ्यू से भी ज्यादा है। इंटरनेट सेवा बंद है, स्कूल-कॉलेजों पर ताला लटका है। मुख्य मार्गों और गलियों के मुहाने पर कांटेदार तार लगे हैं। इन परिस्थितियों के बीच केंद्र सरकार ने यहां पर बकरीद से पहले धारा 144 हटाने की योजना बनाई है।

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