राजित राम यादव
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मरे बस्ती के 25 वर्षीय हसनैन अली को कोरोना था। केजीएमयू लखनऊ से कन्फर्म रिपोर्ट आने के बाद गोरखपुर से बस्ती तक हड़कम्प मच गया है। उन सभी डाक्टरों, पैरामेडिकल स्टॉफ और तीमारदारों को क्वारंटीन या आइसोलेट कर दिया गया है जो मरीज के सम्पर्क में आए थे।
गोरखपुर और बस्ती में यह युवक जिन-जिन अन्य लोगों के सम्पर्क में आया था उनकी तलाश की जा रही है। आशंका है कि उसकी वजह से कई लोग संक्रमित हो सकते हैं। सोमवार की सुबह बीआरडी मेडिकल कालेज के आईसीयू में युवक की मौत हो गई थी। उसे रविवार की रात उसके परिवारीजनों ने सांस में तकलीफ की शिकायत पर पहले ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया था। वहां से मेडिसिन विभाग के वार्ड नंबर 14 में उसे शिफट किया गया। रात में तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो डॉक्टरों ने उसे कोरोना वार्ड में शिफ्ट कर दिया जहां सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई।
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हसनैैन की मौत के बाद डॉक्टरों ने शक के आधार पर उसके परिवारीजनों से युवक की विदेश यात्रा और अन्य गतिविधियों के बारे में पूछताछ शुरू की तो परिवारीजन कतराने लगे। इसके बाद उसके शव से गले के लार के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए। युवक का शव परिवारीजन अपने साथ लेते गए। मंगलवार को थ्रोट स्वाब की जांच में कोरोना के संकेत मिले थे। बुधवार सुबह केजीएमयू से सूचना आई कि उसे कोरोना था।
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