सरकार और लोगो की मदद हुई विफल , नही बचा मां का लाल ,जिलाधिकारी ने शव लाने में असमर्थता जताई - Tahkikat News

आज का Tahkikat

Monday, 4 May 2020

सरकार और लोगो की मदद हुई विफल , नही बचा मां का लाल ,जिलाधिकारी ने शव लाने में असमर्थता जताई

 कृपा शंकर चौधरी

सरकार और  लोगो की मदद हुआ विफल , नही बचा मां का लाल

जिलाधिकारी गोरखपुर ने राहुल के शव को गोरखपुर लाने मे असमर्थता जताई

गोरखपुर। लाँकडाऊन मे फसे हैदराबाद मे आधा पागल हुए एकलौते पुत्र को बचाने के लिये गोरखपुर मे मां गुहार लगाती रही । किंतु सरकार से कोई मदद न मिलने के कारण सात दिनों तक जिंदगी की जंग लड़ते पुत्र ने आखिरकार दम तोड़ दिया।
मामला खोराबार थानान्तर्गत रामपुर डाड़ी गाँव का है। गरीबी के कारण 17 वर्ष का राहुल साहनी रोजगार की तलाश में हैदराबाद के बोराबन्दा राजीव गांधी नगर पहुंच गया। घर से सैकड़ो कीलोमीटर दूर एक अनजान जगह उसे जानने वाला केवल एक व्यक्ति साथ मे रहता था। प्रथम लाकडाऊन के दौरान राहुल को बुखार हो गया किन्तु बाहर निकलने के पावंदी के कारण वह दवा नहीं करा सका।स्थिति खराब होने पर घर के लोगों को जानकारी हुई।  किसी तरह राहुल अस्पताल पहुंचा किन्तु बुखार के कारण वह अचेत हो चुका था। अस्पताल के द्वारा दवा देकर नियमित सेवन का सलाह देकर छोड़ दिया गया। दवा के उपयोग से राहुल बुखार से तो ठीक हो गया किन्तु मानसिक स्थिति खराब हो गई । राहुल की पारिवारिक स्थिति भी ठीक नहीं है। पिता रामसजन बैगलोर मे मजदूरी करते हैं किंतु लाकडाऊन के कारण वह भी फसे हुए थे । पुत्र की स्थिति को समझते हुए सैकडों कीलोमीटर पैदल चल पुत्र के पास तो पहुंचे किंतु काफी देर हो चुकी थीं। गरीब पिता पुत्र की लाश लेकर हैदराबाद में अकेला फसा है। शव को गोरखपुर लाने मे गोरखपुर जिलाधिकारी से मदद मांगी गई किंतु उनके द्वारा असमर्थता जाहिर किया गया।
बताना चाहूंगा दुखियारी मां की खबर गोरखपुर के अखबारों में प्रकाशित हुई साथ ही लड़के की स्थिति के बारे मे सोशल साइट्स पर वायरस हुये वीडियो को लाखो लोगों द्वारा देखा गया । मदद करने वालों ने आर्थिक मदद भी किया किंतु मुख्यमंत्री के गृह जनपद के रहने वाले इस लाल को बचाने के संबंध में सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया । लाँकडाऊन के मद्देनजर सरकार द्वारा जारी किए गए फोन नंबरों पर अधिकारियों को बताया गया किंतु कोई मदद नहीं मिली।
अब प्रश्न उठता है कि सरकार इस दुखियारी मांं,जिसने अपना पुत्र खो दिया को क्या जबाब देगी।

No comments:

Post a Comment

तहकीकात डिजिटल मीडिया को भारत के ग्रामीण एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में समाज के अंतिम पंक्ति में जीवन यापन कर रहे लोगों को एक मंच प्रदान करने के लिए निर्माण किया गया है ,जिसके माध्यम से समाज के शोषित ,वंचित ,गरीब,पिछड़े लोगों के साथ किसान ,व्यापारी ,प्रतिनिधि ,प्रतिभावान व्यक्तियों एवं विदेश में रह रहे लोगों को ग्राम पंचायत की कालम के माध्यम से एक साथ जोड़कर उन्हें एक विश्वसनीय मंच प्रदान किया जायेगा एवं उनकी आवाज को बुलंद किया जायेगा।