राजित राम यादव बस्ती
बाढ़ के बाद ग्रामीणों की स्थिति
बस्ती। बाढ़ कम होने के बाद ग्रामीणों को कटान से दहशत
पहले बाढ़ ने उनका सबकुछ किया बर्बाद रोटी रोजी को तलाश कर रहे मजबूर किसानों को बेघर होने का बढ़ा खतरा
दर्जनों किसान खुद अपना घर तोड़ कर हो रहे विस्थापित
तिनका तिनका जोड़ कर बनाया आशियाना अब खुद अपने हाथों से उजाड़ अपना आशियाना
आँखों में आशू और बेबसी मजबूरी के अलावा सर पर है खुला आसमान
कटान इतना तेज है देखते देखते सैकड़ो मीटर जमीन ,घर नदी हो गया बिलिन
हर बर्ष की तरह इस बर्ष भी शासन के जनप्रतिनिधियों से मिला तो बस आश्वाशन जिला प्रशाशन मौन बेघर हो रहे किसान
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