कैलाश सिंह विकास वाराणसी
बिजली जैसी जनकल्याणकारी उद्योग को निजी हाथों में नही जाने देंगे- बिजलीकर्मी
वाराणसी डिवीजन इंश्योरेंस इम्प्लाइज एसोसिएशन ने निजीकरण के विरोध में अपना समर्थन दिया
वाराणसी । विधुत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले प्रबन्ध निदेशक कार्यालय भिखारीपुर पर निजीकरण के खिलाफ आज आठवे दिन भी वाराणसी के समस्त बिजली कर्मचारियों एवं अभियंताओं ने पूरे जोश-खरोश के साथ विरोध प्रदर्शन किया ।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि बिजली जैसी जनकल्याणकारी सुविधा के निजीकरण का फैसला अत्यंत ही निन्दनीय है, विभाग व विभाग की सम्पत्ति को किसी भी दशा में निजी हाथों में नही जाने दिया जाएगा। आगरा में बिजली आपूर्ति, बिल वितरण सहित अन्य काम एक निजी कंपनी टोरेंट को दी गई है, फिर भी सरकार को पर्याप्त राजस्व नहीं मिल रहा है। निजीकरण के बाद से आगरा में भी प्रबंधन द्वारा बड़ा घोटाला चल रहा है जिसकी उच्चस्तरीय जांच होना जरूरी है। प्रदेश की बिजली व्यवस्था में सुधार करना है तो गुजरात और पटियाला मॉडल को अपनाना चाहिए। जिसका प्रस्ताव संघर्ष समिति काफी पहले दे चुकी है। पूर्वांचल निगम में विगत दो तीन वर्षों में
आईपीडीएस और आरएपीडीआरपी योजना के तहत पहले ही सिस्टम सुदृढ़करणी के नाम पर सरकार द्वारा अरबों का निवेश हो चुका है। इतना ज्यादा निवेश करने के बाद निजीकरण किया जाना पूर्णतः एक घोटाले की तरफ इशारा है |
*वाराणसी डिवीजन इंश्योरेन्स इम्प्लॉइज एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष नारायण चटर्जी और महामंत्री विनोद श्रीवास्तव अपने सदस्यों के साथ पूर्वांचल निगम के निजीकरण का विरोध कर रहे* बिजली कर्मचारियों व अभियंताओं के आन्दोलन को *समर्थन* दिया एवं कहा कि निजीकरण से उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिलेगी बल्कि उत्पीड़न बढ़ेगा |
सभा की अध्यक्षता ई0 संजय भारती एवं संचालन जिउतलाल ने किया।
सभा को सर्वश्री ए0के0 श्रीवास्तव,ई0 संजय भारती,ई0 जगदीश पटेल, अंकुर पाण्डेय,संतोष वर्मा,जिउतलाल, ,रमन श्रीवास्तव, अभिषेक श्रीवास्तव,वीरेंद्र सिंह, रमाशंकर पाल,आदि पदाधिकारियो ने संबोधित किया।
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