कैलाश सिंह विकास वाराणसी
पर्यटन व्यवसाय से जुड़े चालक एवं नागरिको हेतु कंबल वितरण कार्यक्रम
वाराणसी। पर्यटन, कला एवं संस्कृति के बीच सेतु का कार्य कर रही संस्था “दीपिका कल्चरल सोसायटी आफ इंडिया” के द्वारा कड़ाके की ठंड एवं शीतलहर को देखते हुए भारतपर्यटन वाराणसी की पहल पर पर्यटन व्यवसाय से जुड़े असहाय ई रिक्शा चालक/पैडल रिक्शा चालक व नागरिकों एवं उनके सहायकों को कंबल वितरण किया गया ।
देश के प्रसिद्ध शहनाई वादक पंडित मोहन लाल त्यागी, जिनकी कोरोना काल में मृत्यु हुई उन्हीं की स्मृति में संस्था “दीपिका कल्चरल सोसायटी आफ इंडिया” कम्बल वितरण का आयोजन कर रही है कार्यक्रम का शुभारंभ प्रसिद्ध शहनाई वादक पंडित दुर्गा प्रसन्ना ने अपने साथियों के साथ पहाड़ी धुन एवं राम की भजन प्रस्तुत कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के LDM श्री मिथलेश कुमार, विशिष्ट अतिथि श्री प्रदीप नारायण सिंह, सलाहकार पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार एवं सहायक निदेशक, भारतपर्यटन वाराणसी श्री अमित कुमार गुप्ता एवं बुद्धिस्ट इनबाउंण्ड टूरिज्म फर्टिलिटी (बीआईटीएफ़) के अध्यक्ष श्री विक्रम सिंह, टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अखिलेश कुमार एवम दीपिका सोसाइटी के अध्यक्ष श्री अजय गुप्ता ने चालको एवं नागरिकों को कंबल प्रदान कर किया ।
कार्यक्रम के अतिथियों का स्वागत श्री अमित गुप्ता, सहायक निदेशक भारत पर्यटन वाराणसी, कार्यक्रम का संचालन श्री जैनेंद्र राय एवं धन्यवाद ज्ञापन “दीपिका कल्चरल सोसायटी आफ इंडिया” के अध्यक्ष श्री अजय गुप्ता ने किया । आज प्रथम चरण में 150 ई रिक्शा चालक/पैडल रिक्शा चालक एवं उनके सहायकों को कंबल वितरण किया गया ।
इस कार्यक्रम में पर्यटन व्यवसाय से जुड़े श्री अभिषेक पाठक, श्री अभिषेक सिंह, डॉ० अजय सिंह, श्री अवनीश चंद्र पाठक, श्री सुशील सिंह, श्री संतोष सिंह, श्री प्रदीप चौरसिया, श्री सुभाष कपूर सहित काफी संख्या में पर्यटन उद्योग जगत से जुड़े लोग सम्मिलित हुए ।
No comments:
Post a Comment
तहकीकात डिजिटल मीडिया को भारत के ग्रामीण एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में समाज के अंतिम पंक्ति में जीवन यापन कर रहे लोगों को एक मंच प्रदान करने के लिए निर्माण किया गया है ,जिसके माध्यम से समाज के शोषित ,वंचित ,गरीब,पिछड़े लोगों के साथ किसान ,व्यापारी ,प्रतिनिधि ,प्रतिभावान व्यक्तियों एवं विदेश में रह रहे लोगों को ग्राम पंचायत की कालम के माध्यम से एक साथ जोड़कर उन्हें एक विश्वसनीय मंच प्रदान किया जायेगा एवं उनकी आवाज को बुलंद किया जायेगा।