प्रत्युष गुप्ता
जानकारी के अनुसार, घटना बख्शी का तालाब थाना क्षेत्र की है। यहां कठवारा और शिवपुरी सीमा पर प्राचीन रन बाबा का शिव मंदिर है। मंदिर की देखरेख 80 वर्षीय पुजारी फकीरे दास करते थे। पुलिस ने बताया कि बाबा फकीरा दास मूल रूप से सुल्तानपुर जिले के रहने वाले हैं। वह पिछले कई सालो से शिव मंदिर में पूजा पाठ और देखरेख किया करते थे। बताया जा रहा है कि रोज की तरह बाबा मंगलवार की रात भोजन करने के बाद मंदिर में बनी अपनी कुटिया में सो गए थे।
जिसके बाद सुबह उनका शव उन्हीं की झोपड़ी में रक्त रंजित स्थिति में पाया गया लोगों का कहना था कि देर रात अज्ञात बदमाशों ने पुजारी के हत्या की है और लूटपाट की घटना को भी अंजाम दिया है विरोध पर बदमाशों ने पास में रखी लकड़ी काटने वाली कुल्हाड़ी से बाबा पर प्रहार कर दिया। कुल्हाड़ी सिर में लगने से बाबा की मौके पर ही मौत हो गई। बदमाश मंदिर का घंटा दानपात्र और सामान लूट कर मौके से फरार हो गए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रही है।
वहीं अगर पुलिस की माने तो पुलिस का कहना है कि पुजारी की मौत सिर पर चोट लगने की वजह से हुई है और पास में ही कुल्हाड़ी के साथ कई अन्य धारदार हथियार भी बरामद हुए हैं। लेकिन अभी यह कहना सही नहीं होगा के पुजारी की हत्या कुल्हाड़ी से की गई है। वहीं पुलिस लूट की घटना से भी इतेफाक नहीं रखती है। पुलिस का कहना है कि मंदिर में लगे हुए घंटे अपनी जगह है और दान पेटी में भी पढ़े हुए सभी पैसे सुरक्षित हैं। इसलिए यह कहना अभी सही नहीं है कि पुजारी की हत्या कुल्हाड़ी से की गई है और लूटपाट के इरादे से पुलिस सारे मामले की छानबीन कर रही है। आपको बताते चले कि बक्शी का तालाब में पुजारी की हत्या का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी पुजारी की हत्या हो चुकी है।
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