कैलाश सिंह विकास वाराणसी
पीढ़ियों को तारने का काम करती है बेटियां- साध्वी गीताम्बा तीर्थ
वाराणसी, ,7 अप्रैल। सीरगोवर्धनपुर-डाफी रोड स्थित कमला आशीर्वाद वाटिका में चल रहे देवी भागवत कथा के छठवें दिन बुधवार कथा का अमृतपान कराते हुए देवी उपासिका साध्वी गीताम्बा तीर्थ ने कहा कि कन्याएं एक पीढ़ी नहीं 15 पीढ़ियों को तारने का काम करती है। उन्होनें अयोध्या के राजा विश्भध्वज के चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि वह भगवान शिव का परमभक्त था लेकिन अन्य देवी देवताओं को अपमानित करता रहता था। मां लक्ष्मी व मां सरस्वती को वह कई बार अपमानित कर चुका था। राजा के अपमान से क्रोधित सूर्य ने उसे दरिद्र होने का श्राप दे दिया जिसके कारण उसका सारा राजा पाट पड़ोस के राजा द्वारा लूट कर उसपर कब्जा कर लिया। स्वंय सूर्य भगवान उसे मारने के लिए दौड़ पड़े और उसे शिवलोक तक दौड़ा लिया। जहां पर भगवान शिव के कहने पर सूर्य का क्रोध शांत हुआ। भगवान शिव ने सूर्य से राजा को माफ करने को कहा जिसपर सूर्य ने कहा कि इसने मां लक्ष्मी व सरस्वती का अपमान किया है इसे स्वंय आदिशाक्ति ही माफ कर सकती है। अगर राजा के परिवार द्वारा देवी भागवत का पारायण किया जाय तो इसे पापों से मुक्ति मिल सकती है। राजा के 14 पीढ़ी तक किसी ने देवी भागवत का पारायण नहीं किया लेकिन 15 वीं पीढ़ी में जन्मे धर्मध्वज की पुत्री वेदवती ने देवी भागवत का पारायण कराया जिसपर आदिशक्ति प्रसन्न हुयी राजा विश्भध्वज के 15वीं पीढ़ी के पापो का नाश कर सबको स्वर्गलोक की प्राप्ति का वरदान किया। साध्वी गीताम्बा तीर्थ ने कहा कि आज के वर्तमान समय में भी बेटों से ज्यादा ध्यान लड़कियां अपने माता-पिता का रख रही है। बेटियों से ही संसार चल रहा है। आज वह किसी मामले में बेटों से कम नहीं है। कथा के अंत में आरती कर प्रसाद वितरण किया गया।
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