कैलाश सिंह विकास वाराणसी
संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना हेतु 20 सितंबर तक आवेदन किया जा सकता है
वाराणसी। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा हथकरघा उद्योग को बढ़ावा एवं बुनकरों को प्रोत्साहित करने हेतु संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना का संचालन/क्रियान्वयन किया जा रहा है। योजना अंतर्गत बुनकरों को सम्मानित एवं प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से परिक्षेत्रीय स्तर एवं राज्य स्तर पर पुरस्कार प्रदान किया जाना है। परिक्षेत्रीय पुरस्कार में प्रथम पुरस्कार 20,000/-, दृतीय पुरस्कार 15,000/- एवं तृतीय पुरस्कार 10,000/- सहित शील्ड, प्रमाण पत्र व अंगवस्त्रम प्रदान किया जाएगा। परिक्षेत्र स्तर पर चयनित विजेताओं में से राज्य स्तरीय पुरस्कार हेतु चयन किया जाएगा जिसमें प्रथम पुरस्कार 1,00,000/-, दृतीय पुरस्कार 50,000/- एवं तृतीय पुरस्कार 25,000/- का होगा।
उक्त जानकारी देते हुए सहायक आयुक्त हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग अरुण कुमार कुरील ने बताया कि राज्य स्तरीय हथकरघा पुरस्कार की चार श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। जिसमें श्रेणी-1 अंतर्गत साड़ी, ब्रॉकेड, ड्रेस मटेरियल, श्रेणी-2 अंतर्गत सूती दरी, उलेन दरी, आसनी व दरेट, श्रेणी-3 अंतर्गत बेडशीट, बेड कवर, होम फर्निशिंग, श्रेणी-4 अंतर्गत स्टोल, स्कार्प, गमछा व अन्य है। हथकरघा पर कार्य कर रहे बुनकर/बुनकर सहकारी समितियों/स्वयं सहायता समूह द्वारा उत्कृष्ट एवं कलात्मक नमूने जैसे-सूटिंग, शर्टिंग, 2-2 मीटर, साड़ी फुल साइज की, तोलिया, बेडशीट, बेड कवर, शाल, दरी आदि पूर्ण साइज का हो, ताकि उत्पादों की गुणवत्ता का संपूर्ण निरीक्षण आदि संभव हो सके। जिन हथकरघा बुनकरों को विगत 3 वर्षों में पुरस्कृत किया जा चुका है वह इसके लिए पात्र नहीं होंगे।
उन्होंने बताया कि पुरस्कार हेतु चयन में डिजाइन बीविंग, तकनीक एवं उत्पाद विविधता आदि योग्यताओ तथा रंगों के तालमेल आदि को ध्यान में रखकर पुरस्कार हेतु सैंपल का चयन गठित समिति के द्वारा किया जाएगा। जनपद वाराणसी, मिर्जापुर, चंदौली, सोनभद्र, जौनपुर एवं संत रविदास नगर (भदोही) के बुनकर जो अपना सैंपल पुरस्कार हेतु प्रेषित करना चाहते हैं, वे सेपल प्रस्तुत करने की पात्रता एवं आवश्यक सूचना 20 सितंबर तक सहायक आयुक्त हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग कार्यालय में उपलब्ध करा सकते हैं। इस संबंध में आवश्यक जानकारी किसी भी कार्य दिवस में प्राप्त भी किया जा सकता है।
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