आजाद भारत मे बदतर जिंदगी जीने के लिए मजबूर कम आय वाले परिवार। - Tahkikat News

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Thursday, 12 April 2018

आजाद भारत मे बदतर जिंदगी जीने के लिए मजबूर कम आय वाले परिवार।



ग्राउंड रिपोर्ट -रेहान रजा शाह

देश मे शोषित ,वंचित परिवार के लिए सरकार द्वारा कई महत्वाकांक्षी योजना चलाई गई है जिससे गरीबों के जीवन मे भी बदलाव हो ,लेकिन देश मे कम आय वाले परिवारों का शोषण कितना होता है यह सब धरातल पर जाने के बाद ही पता चलता है ।
गोंडा जिले से हमारे संवाददाता रेहान रजा बभनजोत ब्लॉक के ग्राम पंचायत  पिपरा बारा खां में पँहुचते हैं तो पता चलता है कि गांव में कई दर्जन लोग ऐसे हैं जिनके सर पर छत नही है ।गांव की निवासिनी मोनिका देवी से बात चीत हुई तो उन्होंने बताया कि हमारे पास घर नही है कई वर्षों से जिम्मेदार लोगों से गुहार लगा रहे हैं लेकिन कंही से कोई जवाब नही मिलता है।

इसी गावं की रहने वाली सावित्री देवी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए हमने आवेदन किया था लेकिन 2 साल हो गए कंही से न तो कोई चिट्ठी पत्री आई और न ही कोई जिम्मेदार इनको सुनने आया । गांव की एक और महिला सरस्वती ने बताया कि खपड़े के मकान में पूरे परिवार के साथ रहते हैं जो काफी जर्जर हो चुका है ,उन्होंने बताया कि बरसात के महीने में घर मे पानी भर जाता है ।सरस्वती का कहना है कि आवास के लिए जिला मुख्यालय गोंडा भी गए लेकिन कोई जांच करने नही आया।

गांव की इंद्रावती देवी ,कमलेश ,एवं माया देवी भी जिम्मेदार लोगों के निरंकुशता की वजह से बदतर जिंदगी जीने को मजबूर हैं ।महिलाओं का कहना है कि वे कई बार ब्लॉक मुख्यालय का चक्कर भी लगा चुकी हैं लेकिन  आला अधिकारी और सेक्रेटरी के साथ  जन प्रतिनिधि ने कभी उनकी समस्या को गंभीरता से नही लिया ।

ऐसी स्थिति को देखते हुए बड़ा सवाल पैदा होता है कि कोई कच्चे मिट्टी के मकान में रह रहा है तो कोई जर्जर खपड़े के मकान में तो आखिर आवास योजना का लाभ किसे मिल रहा है  ।आखिर किसी जन प्रतिनिधि या अधिकारी को इसके बारे में कोई चिन्ता क्यों नही है 

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