उत्तर प्रदेश की नई सरकार बनने पर जनता को उम्मीद थी कि शिक्षा के क्षेत्र में कुछ परिवर्तन होगा किन्तु यह भी पुरानी सरकारों के भांति ही फिसड्डी साबित हो रही है । हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा बढ़-चढ़कर सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही थी किन्तु उनके फरमान खोखले साबित हो रहे हैं ।
मामला शिक्षा विभाग का है जहां नैनिहालो की अभी तक सभी पुस्तकें नहीं पहुंच पाई है जबकि शिक्षा सत्र लगभग आधा खत्म हो रहा है । पुस्तक न रहने से अध्यापक पढ़ाने में असमर्थ है दुसरे तरफ़ विद्यार्थियों के शिक्षण अभिरूचि में कमी आ रही हैं इस संबंध में शिक्षा विभाग से जानकारी हासिल करने पर ज्ञात हुआ कि पुस्तकें जहां से प्रिंट होती है वहीं से नहीं आ रही है ।
गौरतलब है कि शिक्षा में सुधार को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा कई दावे किए गए थे । जिसमें एक यह भी था कि पुस्तकें विद्यार्थियों तक समय पर पहुंचेगी किन्तु यह दावा खोखला साबित हो रहा है । एक तरफ सरकार अध्यापकों से गुणवत्तापरक शिक्षा की उम्मीद करती है दुसरी तरफ खुद वादाखिलाफी के डगर पर अग्रसर है ।

No comments:
Post a Comment
तहकीकात डिजिटल मीडिया को भारत के ग्रामीण एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में समाज के अंतिम पंक्ति में जीवन यापन कर रहे लोगों को एक मंच प्रदान करने के लिए निर्माण किया गया है ,जिसके माध्यम से समाज के शोषित ,वंचित ,गरीब,पिछड़े लोगों के साथ किसान ,व्यापारी ,प्रतिनिधि ,प्रतिभावान व्यक्तियों एवं विदेश में रह रहे लोगों को ग्राम पंचायत की कालम के माध्यम से एक साथ जोड़कर उन्हें एक विश्वसनीय मंच प्रदान किया जायेगा एवं उनकी आवाज को बुलंद किया जायेगा।