रिपोर्ट -पुनीत मिश्रा
फर्रुखाबाद एक ओर पटेल
जयंती मानने की तैयारी कर रहा है वही अपनी गोद में फर्रुखाबाद महोत्सव जैसे
ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन कराने वाले नगर के प्रसिद्द पटेल पार्क की
दुर्दशा देखि नही जा रही है|
हालत यह है कि यदि जल्द ध्यान नही दिया गया तो
पार्क मवेशियों का तबेला
बनकर रह जायेगा| वर्तमान में सभी पार्क में अपनी मनमानी करने के बाज नही आ
रहे है| पटेल की प्रतिमा तक में बिना किसी रुकावट के लोग अपने जानवर बांध
रहे है | जिससे पार्क ने अपनी खूबसूरती खो दी है| लेकिन नगर पालिका की
फाइलो में पटेल का रंगरोगन और सुन्दरीकरण होता ही रहता है|
फर्रुखाबाद शहर के बीचो बीच बने पटेल पार्क पूर्व में पल्ला पार्क के नाम से जाना जाता था| जिसके रख रखाव की जिम्मेदारी नगर पालिका के पास है है| खबर में दिख रही तस्वीरे यह चीख-चीख कर कह रही है की पालिका अपनी जिम्मेदारी कितनी जिम्मेदारी से निभा रही है| पटेल पार्क में अन्दर मुख्य द्वार से प्रवेश करते ही नलकूप विभाग ने अपने कब्जा कर रखा है| नलकूप की तरफ सैकड़ो की संख्या में पानी के पाइप डाले गये है| जिससे पार्क अक काफी हिस्सा उनके कब्जे में है|
उसके पास ही में सरदार वल्लभ भाई पटेल की सफेद पत्थर की
प्रतिमा लगी है| जिसकी दुर्दशा ओ कोई देखने वाला नही | प्रतिमा के चारो तरफ
की रेलिंग केबल इस लिये टूट गयी की उसमे लोग अपने जानवर बांधते है| जिससे
वह पूरा क्षतिग्रस्त हो गया है| प्रतिमा के ठीक पीछे एक इलेक्ट्रानिक पेड़
लाखो खर्च कर लगाया गया था जो चंद रोज चलने के बाद बंद हो गया और फिर
दोबारा नही चला| पार्क में नगरपालिका के कर्मी कूड़ा उठाना तो दूर बल्कि
उसमे कूड़ा डाल जाते है|
पूरे पार्क पर आवारा जानवरों का अबैध कब्जा है| जगह
जगह जानवर घूमते दिखे जायेगे| पार्क में बनी पानी की टंकी के पास भी
स्थानीय लोग अपने जानवर बांधते है| जिससे पार्क में गंदगी का साम्राज्य है|
अन्य गेट पर भी लोगो ने कूड़ा डालना शुरू कर दिया है
जिसमे सूअर आकर अपनी
दावत खाते और और कूड़े के चक्कर में आम जनता को मुश्किल का सामना करना पढ़ता
है| लेकिन नगर पालिका इस तरफ से पाना ध्यान हटाये हुये है|
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