रिपोर्ट:-- पुनीत मिश्रा
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता हरीश की पत्रकार वार्ता में आज जमकर हंगामा
हुआ अवैध कब्जों और महंगाई जैसे मुद्दों पर उठे सवालों को मुख्य प्रवक्ता
आंकड़ों की जादूगरी से निपटाने की कोशिश करते रहे लेकिन मीडिया के तर्कों
के आगे कई बार वह बेबस नजर आए सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे को लेकर सबसे
अधिक सवाल उठे और मुख्य प्रवक्ता बस यही कहते रहे कि आप लिख कर दे दे मैं
कार्यवाही कराता हूं
दरअसल प्रदेश प्रवक्ता आज फर्रुखाबाद की
मीडिया से वार्ता करने आए थे उन्होंने शुरू में ही अपने साथ लाए आंकड़ों के
चार पांच पेज पढ़ने शुरू कर दिए एक दम फिर अदम गोंडवी का शेर याद आया
सरकारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है यह आंकड़े फर्जी यह दावे किताबी
है प्रदेश प्रवक्ता ने सरकार द्वारा शुरू की गई स्वास्थ्य सेवाओं का बखान
किया तो एक पत्रकार ने डॉक्टरों की कमी के आंकड़े देते हुए कहा कि डॉक्टर
और दवाएं नहीं है तब सरकारी योजनाएं कैसे गरीबों का भला करेंगी नउज्जवला
योजना में मिले गरीबों को सिलेंडर महंगाई के कारण दोबारा रिफिल ना हो पाने
का सवाल भी उठा पर पेट्रोलियम पदार्थों की मूल्य वृद्धि पर कोई भी सवाल
सुनने को तैयार नहीं थे
पत्रकार वार्ता में अर्जुनपुर का गंगा पुल और सांसद की फ्लाईओवर घोषणा पर भी सवाल उठाए गए उनका सहयोग करने के लिए मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी के अलावा वीरेंद्र सिंह राठौर महामंत्री शैलेंद्र सिंह राठौर रूपेश गुप्ता और कोषाध्यक्ष संजीव गुप्ता भी मौजूद थे पर आंखों और धरातल की सच्चाई में अंतर की आवाज में सुन प्रदेश प्रवक्ता आश्चर्यचकित थे शोरगुल में ही पूरी वार्ता निपट गई वह तो शुक्र रहा कि तब तक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ ही बाइट लेने के लिए आ गए हंगामा देख एक काम प्रवेश प्रवक्ता ने और किया उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और मीडिया के जिला प्रतिनिधियों को चलता कर प्रिंट मीडिया के पत्रकारों से अलग कमरे में वार्ता की जबकि पत्रकार वार्ता में हंगामा सबसे अधिक प्रिंट मीडिया के पत्रकारों ने ही किया।
पत्रकार वार्ता में अर्जुनपुर का गंगा पुल और सांसद की फ्लाईओवर घोषणा पर भी सवाल उठाए गए उनका सहयोग करने के लिए मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी के अलावा वीरेंद्र सिंह राठौर महामंत्री शैलेंद्र सिंह राठौर रूपेश गुप्ता और कोषाध्यक्ष संजीव गुप्ता भी मौजूद थे पर आंखों और धरातल की सच्चाई में अंतर की आवाज में सुन प्रदेश प्रवक्ता आश्चर्यचकित थे शोरगुल में ही पूरी वार्ता निपट गई वह तो शुक्र रहा कि तब तक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ ही बाइट लेने के लिए आ गए हंगामा देख एक काम प्रवेश प्रवक्ता ने और किया उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और मीडिया के जिला प्रतिनिधियों को चलता कर प्रिंट मीडिया के पत्रकारों से अलग कमरे में वार्ता की जबकि पत्रकार वार्ता में हंगामा सबसे अधिक प्रिंट मीडिया के पत्रकारों ने ही किया।
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