रिपोर्ट-अंजली कन्नौज
कन्नौज -अखिल भारतीय प्रधान संघ ने कन्नौज कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करके मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा जिसमे 73वां संविधान संशोधन की मंशा के अनुरूप ग्राम पंचायतों को सेल्फ गवर्नमेंट के रूप में स्थापित करने हेतु 11वीं अनुसूची में में वर्णित 29 विषयों के कोष, कार्य व कर्मी सौंपने की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 1999 में पंचायतों को चरणबद्ध तरीके से शक्तिशाली व अधिकार सम्पन्न बनाने हेतु शुरू की गई प्रक्रिया को संचालित किया जाए।
कन्नौज -अखिल भारतीय प्रधान संघ ने कन्नौज कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करके मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा जिसमे 73वां संविधान संशोधन की मंशा के अनुरूप ग्राम पंचायतों को सेल्फ गवर्नमेंट के रूप में स्थापित करने हेतु 11वीं अनुसूची में में वर्णित 29 विषयों के कोष, कार्य व कर्मी सौंपने की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 1999 में पंचायतों को चरणबद्ध तरीके से शक्तिशाली व अधिकार सम्पन्न बनाने हेतु शुरू की गई प्रक्रिया को संचालित किया जाए।
उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1947 की नियमावली की कई धाराओं में
मौजूद अस्पष्ट क्रियान्वयन एवं विरोधाभास को संसोधित अधिनियम की आवश्यकताओं
के मद्देनजर संसोधित किया जाए।राज्य वित्त आयोग व प्रशासनिक सुधार आयोग की
प्रमुख सिफारिशों को लागू करने के लिए कदम उठाते हुए संस्तुति अनुरूप धन
की उपलब्धता बढाने, पंचायतों के लिए अलग से कर्मचारी संवर्ग बनाकर पर्याप्त
मात्रा में योग्य व कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने तथा डीआरडीए जैसे
पंचायती के समानांतर कार्यरत अभिकरणों या समितियों का पंचायती राज व्यवस्था
में विलय करने का निर्णय शीघ्र लिया जाए।
पंचायतों को अपने स्तर पर संसाधन
जुटाने के लिए भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243 ज, उप्र पंचायत राज अधिनियम
1947 की धारा तथा नियमावली के नियम 220 के अनुसार कर लगाकर वसूलने की विधि
सम्मत प्रक्रिया को अमली जामा पहनाया जाए। उप्र पंचायती राज अधिनियम 1947
की धारा 112 के अनुसार ग्राम पंचायतों को उपविधि बनाने के लिए अधिकृत करने
हेतु नियम बनाए जाएं।


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