ब्यूरो -कानपूर रवि गुप्ता
पूरे देश मे नवरात्रि और विजयादशमी की धूम मची हुई
है वही पूरा देश दशहरे का पर्व बड़े ही धूमधाम के साथ मानाने जा रहा है
ऐसे में कानपुर में भी दशहरे की तैयारी जोरो से चल रही है। शहर की सबसे पुरानी कही जाने
वाली गोल चौराहे स्थित रावण मंडी है जहां कई वर्षों से यहाँ की झुग्गी
झोपड़ी में रहने वाले परिवार अपना जीवन यापन के लिए हर साल की तरह इस बार भी
रावण के पुतले तैयार करने में जुट गए हैं। आपको बताते चलें कि इस मंडी को
पहले लंकेश्वर मंडी बोला जाता था लेकिन अब सभी इसे रावण मंडी के नाम से
जानते हैं यहां पर सड़क किनारे कई परिवार वर्षों से इसी तरह रावण
के छोटे बड़े पुतले बनाते चले आ रहे हैं। यहाँ रावण के पुतले 4 फ़ीट से लेकर
40 फ़ीट तक तैयार किये जाते हैंखास बात यह है की इन पुतलो को यहां पर
महिलाये ही तैयार करती है और कानपुर के साथ साथ प्रदेश के कई जिलों से लोग यहां रावण के पुतले
खरीदने आते है।
पिछले
10 वर्षों से रावण के पुतले बना रहे कारीगर स्वाती ने बताया की हम अपने
परिवार के साथ में मिलकर रावण के
छोटे बड़े पुतले बनाते है। यहां 4 फ़ीट से लेकर 40 फुट तक
के ऑर्डर पर रावण के पुतले बनते हैं फिर जैसा आर्डर पार्टी का आता है वैसा
ही पुतला तैयार होता है रावण को बनाने के लिए बांस, खपच्ची, अखबार के पेपर
,दफ़्ती और चमकीले कागज़ का प्रयोग किया जाता है 40 फ़ीट का रावण बनाने के लिए
करीब 6 से 7 दिन लगते हैं 40 फ़ीट के रावण की लागत की बात की जाए तो लागत
से ज्यादा मेहनत लगती है वहीं लागत तो करीब 5 हज़ार तक आती है वहीं रावण
करीब 14 से 15 हज़ार तक बिक जाता है।
कारीगर रेनू ने बताया कि पिछले 6
वर्षों से यहाँ परिवार समेत रावण के पुतले तैयार कर रहे है छोटे बड़े रावण
के पुतलों के अलग अलग रेट निर्धारित हैं हमारे पास 400 रुपये से लेकर 20
हज़ार तक के रावण के छोटे बड़े पुतले तैयार किये जाते हैं।और दूर दूर से लोग
यहां पुतले खरीदने आते है। दो महीना पहले से हम लोग रावण के पुतले बनाना शुरू कर
देते है।दशहरा का हम लोगो को खासकर इन्तजार रहता है।
फतेपुर के निवासी हर्ष ने
बताया कि हर साल की तरह इस बार भी रावण मंडी से रावण खरीदने आये है हम
फतेपुर से इस रावण के पुतले को खरीदने आये है हम अपने मोहल्ले
में रामलीला के लिए बच्चो के लिए 18 फ़ीट का रावण ले जा रहे है जिसकी कीमत
2300 रुपये है।
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