लखनऊ - सत्य प्रकाश चौधरी
आधुनिक भारत के महान शिल्पी-भारत रत्न, देश के प्रथम प्रधानमंत्री रहे पंडित जवाहर लाल नेहरू जी की 129वीं जयन्ती (बाल दिवस) के अवसर पर आज उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर सांसद की अध्यक्षता में किया गया।
आधुनिक भारत के महान शिल्पी-भारत रत्न, देश के प्रथम प्रधानमंत्री रहे पंडित जवाहर लाल नेहरू जी की 129वीं जयन्ती (बाल दिवस) के अवसर पर आज उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर सांसद की अध्यक्षता में किया गया।
इस मौके पर राजबब्बर ने शांति के प्रतीक सफेद कबूतर आसमान में छोड़कर पं0 नेहरू की जयन्ती पर शांति का संदेश देते हुए कहा कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री जी को जैसा रक्तरंजित देश मिला था उसमें उसका टूट जाना, साम्प्रदायिक दंगों के आगे झुलसते रहना, लोकतंत्र का बिखर जाना अस्वाभाविक नहीं था परन्तु स्व0 पं0 नेहरू के नेतृत्व में देश कदम दर कदम आगे बढ़ा, मजबूत हुआ, संसदीय लोकतांत्रिक समस्याओं व परम्पराओं के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता बनायी। राष्ट्र आर्थिक विकास व आत्मनिर्भरता की दिशा में सचेत हुआ।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा फैलायी गयी राष्ट्र के प्रति समर्पण की चेतना की दिशा में राष्ट्र पं0 नेहरू के कुशल नेतृत्व में आगे बढ़ता गया। उन्होने साम्यवाद एवं पूंजीवाद के मिश्रण के साथ राष्ट्र केा एक नई दिशा दी। 21वीं सदी के भारत की नींव स्व0 नेहरू द्वारा ही रखी गयी। उस दौर में पं0 नेहरू के प्रखर आलोचक स्व0 लोहिया जी भी इनकी इन विकासक नीतियों का विरोध नहीं कर पा रहे थे।
पं0 नेहरू के व्यक्तित्व में ऐसी सम्मोहक शक्ति थी जिसे तोड़ने की कोशिश उस समय की कई शक्तियों ने की थी फिर चाहे वह प्रीवीपर्स पाने वाले राजा-महराजा हों या राष्ट्र के बंटवारे के बाद बहुसंख्यक आधार पर राष्ट्र को चलाने वाली पार्टियां हों या गांधीवादी विचारधारा का विरोध करने वाले संगठन हों, इन सभी ने पं0 नेहरू की छवि को चोट पहुंचाने की बहुत कोशिशें कीं परन्तु पंडित जी की ऐसी छवि थी कि उनके विचारधारा पर चलने वाले लोगों की संख्या न उस दौर में कम थी न आज कम है न भविष्य में कम होगी। पं0 नेहरू उस दौर में भी प्रासंगिक थे आज भी हैं और भविष्य में भी रहेंगे। राष्ट्र महात्मा गांधी और पं0 नेहरू के विचारों के साथ आगे बढ़ा है और भविष्य में भी विश्व के पटल पर भारत अपनी अलग पहचान बनाये रखेगा।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा फैलायी गयी राष्ट्र के प्रति समर्पण की चेतना की दिशा में राष्ट्र पं0 नेहरू के कुशल नेतृत्व में आगे बढ़ता गया। उन्होने साम्यवाद एवं पूंजीवाद के मिश्रण के साथ राष्ट्र केा एक नई दिशा दी। 21वीं सदी के भारत की नींव स्व0 नेहरू द्वारा ही रखी गयी। उस दौर में पं0 नेहरू के प्रखर आलोचक स्व0 लोहिया जी भी इनकी इन विकासक नीतियों का विरोध नहीं कर पा रहे थे।
पं0 नेहरू के व्यक्तित्व में ऐसी सम्मोहक शक्ति थी जिसे तोड़ने की कोशिश उस समय की कई शक्तियों ने की थी फिर चाहे वह प्रीवीपर्स पाने वाले राजा-महराजा हों या राष्ट्र के बंटवारे के बाद बहुसंख्यक आधार पर राष्ट्र को चलाने वाली पार्टियां हों या गांधीवादी विचारधारा का विरोध करने वाले संगठन हों, इन सभी ने पं0 नेहरू की छवि को चोट पहुंचाने की बहुत कोशिशें कीं परन्तु पंडित जी की ऐसी छवि थी कि उनके विचारधारा पर चलने वाले लोगों की संख्या न उस दौर में कम थी न आज कम है न भविष्य में कम होगी। पं0 नेहरू उस दौर में भी प्रासंगिक थे आज भी हैं और भविष्य में भी रहेंगे। राष्ट्र महात्मा गांधी और पं0 नेहरू के विचारों के साथ आगे बढ़ा है और भविष्य में भी विश्व के पटल पर भारत अपनी अलग पहचान बनाये रखेगा।
प्रवक्ता ने बताया कि इसके उपरान्त प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं द्वारा बच्चों के प्रिय चाचा नेहरू की याद में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के हजारों बच्चों को उपहार एवं मिष्ठान वितरित किया गया एवं तिरंगा गुब्बारे आसमान में छोड़े गये।


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