रिपोर्ट -चीफ रिपोर्टर UP चंद्र मोहन तिवारी
राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश प्रवक्ता सुरेन्द्रनाथ
त्रिवेदी ने कहा कि भाजपा के शासन में ऐसा लग रहा है कि पुनः जमींदारी
प्रथा दस्तक दे रही है। यही कारण है कि प्रदेश का खाद्य और रसद विभाग
द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्र्तगत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों
में दुकाने चलाने वाले कोटेदारों को यह अधिकार दिया जा रहा है कि दुकाने
चलाने के लिए रक्त सम्बन्धियों को नामित कर सकेंगे। इस आदेश से ऐसा प्रतीत
होता है कि जिन कोटेदारों की दुकाने हैं उन्हें पुस्त दर पुस्त कोटे की
दुकानी चलाने का अधिकार मिल जायेगा और अन्य बेरोजगार भविष्य में सार्वजनिक
वितरण प्रणाली की दुकाने चलाने से वंचित हो जायेगे।
त्रिवेदी ने कहा कि प्रदेशमें किसान मसीहा चै0 चरण सिंह की सरकार से पहले
पटवारी प्रथा लागू थी जिसके माध्यम से पटवारी की नौकरी पुस्त दर पुस्त चलती
थी स्व0 चै0 चरण सिंह ने पटवारी प्रथा को समाप्त करके लेखपालों की भर्ती
करके समाज में एक क्रान्तिकारी फैसला लेते हुये लाखों बेरोजगारों को सरकारी
नौकरी का रास्ता खोल दिया था जो लगातार चलता चला आ रहा है परन्तु
बेरोजगारो की विरोधी सरकार खाद्य और रसद विभाग के इस छोटे से आदेश से समाज
और प्रदेश की नब्ज परखने का तरीका निकाल रही है और यदि सफल हो गयी तो
भविष्य में जमींदारी प्रथा तक पहुंचने में भारतीय जनता पार्टी कोई कसर नहीं
उठा रखेगी क्योंकि भाजपा की सरकारे स्वयं सिद्व पूंजीपतियों की सरकारे
हैं।
रालोद प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि समाज और देश को नई दिशा
देकर सामंजस्य स्थापित करने के लिए चै0 चरण सिंह की नीतियां ही मददगार हो
सकती हैं देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक न्याय इत्यादि सभी क्षेत्रों में
चै0 साहब की नीतियां लागू करने से संतोष जनक उपलब्धि मिल सकती है। यही कारण
है कि राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चै0 अजित सिंह और राष्ट्रीय
उपाध्यक्ष जयंत चैधरी किसान मसीहा की नीतियों और उनके पदचिन्हों का
अनुसरण करके ही समाज और देश को नई दिशा देने का भरसक प्रयास कर रहे हैं।

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