कन्नौज यमराज बने आवारा पशु - Tahkikat News

आज का Tahkikat

Friday, 2 November 2018

कन्नौज यमराज बने आवारा पशु




रिपोर्ट-मोबीन मन्सुरी

कन्नौज जहां एक ओर प्रदेश सरकार गौवंश की रक्षा को लेकर कटिबद्ध नजर है। तो वहीं दूसरी ओर शहर की गलियों में विचरण करने वाले आवारा पशु आम आदमी के लिए मुसीबत का सबब बने हुए हैं। जिसके चलते आये दिन दुर्घटनाएं भी हो रही हैं।और कोई अपना अपनो को खो रहा है ।अगर बात कन्नौज में आवारा पशुओं से हुए हादसो की करे तो महज 3 दिन में 2 मौते और 5 लोगो को यह आवारा पशु अपना शिकार बना चुके है । लेकिन उसके बाद भी जिम्मेदारों द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसका खामियाजा नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। इतना ही नही ग्रामीण क्षेत्रों में घूम रहे आवारा पसु किसानों की खून पसीने से तैयार की गयी फसलों को भी बर्बाद कर रहे है ।
 
आइये कन्नौज से देखते है हमारे संवाददाता की एक रिपोर्ट 


बड़ा सवाल उठता है कि आखिर  आवारा पशुओं को गौशाला में नहीं पहुंचाया जा रहा है। शहरी हो या ग्रामीण हर क्षेत्र  के अधिकांश मोहल्लों में सुबह होते ही आवारा पशुओं की भरमार हो जाती है। जिसके कारण छोटे बच्चों व महिलाओं का गलियों से गुजरना मुश्किल हो जाता है। 

रानू कुरैशी--स्थानीय निवासी कन्नौज 

मौत का यह भयानक मंजर देख कर आप भी दंग रह जाएंगे यह नजारा कन्नौज के मकरंद नगर के नेशनल हाईवे 91 का है जहाँ आवारा पशुओं का यह झुंड लोगो को यहाँ से निकलने में भी दिक्कत कर रहा है ।यह नजारा एक रोज का नही है बल्कि हर रोज आप देख सकते है इनकी बजह से कभी कभी जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है ।

विकास अवस्थी--समाज सेवी कन्नौज 

लेकिन उसके बाद भी जिम्मेदारों द्वारा इस ओर कोई भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शहर के मोहल्ला ,मकरन्द नगर ,कलेक्ट्रेट रोड, लाखन तिराहा, बोर्डिंग ग्राउंड , हाजी गंज   सहित अनेक मोहल्लों में सुबह से ही आवारा पशुओं का आतंक शुरू हो जाता है। नगर के बुद्धिजीवी नागरिकों ने आवारा पशुओं पर अंकुश लगाये जाने की मांग की है।और सपा सांसद प्रतिनिधि नवाब सिंह ने इसके लिए सरकार को जिमेदार ठहराया है ।


No comments:

Post a Comment

तहकीकात डिजिटल मीडिया को भारत के ग्रामीण एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में समाज के अंतिम पंक्ति में जीवन यापन कर रहे लोगों को एक मंच प्रदान करने के लिए निर्माण किया गया है ,जिसके माध्यम से समाज के शोषित ,वंचित ,गरीब,पिछड़े लोगों के साथ किसान ,व्यापारी ,प्रतिनिधि ,प्रतिभावान व्यक्तियों एवं विदेश में रह रहे लोगों को ग्राम पंचायत की कालम के माध्यम से एक साथ जोड़कर उन्हें एक विश्वसनीय मंच प्रदान किया जायेगा एवं उनकी आवाज को बुलंद किया जायेगा।