ब्यूरो कानपुर- रवि गुप्ता
गोपाष्टमी पर्व के अवसर पर कानपुर गौशाला सोसाइटी
के तत्वावधान में आज फूलबाग स्थित नानाराव पार्क में गोपाष्टमी पर्व का
आयोजन किया गया इस अवसर पर स्वामी प्रखर जी महाराज ने गौ माता के बारे में
विशेष रूप से बताया साथ ही इस दौरान मंडलायुक्त सुभाष चन्द्र शर्मा और मेयर
प्रमिला पांडे भी इस अवसर पर मौजूद रही जहां सभी अतिथियों ने गाय माता को
तिलक कर माला पहनाते हुए गुड़ खिलाया,खील खिलाई और गौ माता का आशीर्वाद लिया
जिसके बाद ग्वालों के साथ कई गाय माताओं के साथ गाजे बाजो के साथ धूमधाम
से शोभा यात्रा भी निकाली।
क्यों मनाई जाती है गोपाष्टमी
गोपाष्टमी
की बात की जाए तो पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी तिथि पर माता यशोदा ने
भगवान कृष्ण को पहली बार गायों को चराने के लिए जंगल भेजा था। यशोदा माता
भगवान कृष्ण को नहीं भेजना चाहती थी लेकिन भगवान कृष्ण जिद करने लगे। तभी
से कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तो गोपाष्टमी मनाई जाने लगी। इस
दिन गायों की विशेष रूप से पूजा की जाती है। गाय पूजन से सभी देवी देवतागण
प्रसन्न होते हैं।
33 करोड़ देवता बसते है गौ माता में
स्वामी
प्रखर जी महाराज ने बताया कि गोपाष्टमी का उत्सव इसलिए मनाया जाता है कि
गौ काष्टमी गौ के पालन करने वाला एकत्र होकर और गौ की सुरक्षा के लिए एक
प्रतिज्ञा करके प्रतिबद्ध होते है हम अपने तन मन के द्वारा गौ माता की
सुरक्षा और सेवा करेंगे यह परम्परा चली आ रही है पिछले काफी समय से
गोपाष्टमी मनाई जाती है गौ माता विश्व की जननी है गौ के अंदर त्रिदेव का
निवास है इसलिए गौ सर्वश्रेष्ठ है पूजनीय है। गौ में 33 करोड़ देवता का
निवास है ,गौ के गोबर में लक्ष्मी का निवास है गौ की सेवा करने से और उनका
पूजन करने से सभी तरह के पूजन हो जाते है। गौ माता की सुरक्षा के लिए
जनमानस को आगे रहना चाहिए।
गाय के दूध का कर्ज आपके ऊपर है उन्हें छोड़िए मत
मंडलायुक्त
सुभाष चन्द्र शर्मा ने गौ भक्तों को शुभकामना देते हुए कहा कि हम सभी का
दायित्व है कि गौ माता की वास्तविक सेवा करे जब दूध देना गाय बन्द कर देती
है तो लोग छोड़ देते है यह गौ माता का अपमान है। उस गाय के दूध का कर्ज
आपके ऊपर चढ़ गया है इसलिए गाय माता को नही छोड़ना चाहिए ऐसा कतई नही करना
चाहिए यदि सही मायने में सेवक है और अगर यदि ऐसा कोई करता पाया गया तो ऐसा
कानून भी बना है उसके खिलाफ कार्यवाई की जाएगी। नगर निगम के सहयोग से
कान्हा आश्रय स्थल स्थापित करने की कोशिश की हैउन्होंने लोगों से और गौशाला
समितियों से खास तौर पर कहा कि ज्यादा से ज्यादा गौशालाओ की स्थापना कर
विस्तार करें इसके लिए जन सहयोग का होना बहुत आवश्यक है।



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