सरकार ने इस सम्बन्ध में आज तक निर्णय नहीं लिया है | - Tahkikat News

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Thursday, 15 November 2018

सरकार ने इस सम्बन्ध में आज तक निर्णय नहीं लिया है |

लखनऊ - सत्य प्रकाश चौधरी

उ 0 प्र 0 राज्य कर्मचारी महासंघ के आवाहन पर 0४ सूत्रीय मांगों लेकर प्रदेश के समस्त जनपदों में जोरदार धरना प्रदर्शन कर क ज्ञापन प्रेषित किये गये | यह जानकारी देते हुए महांसघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि प्रदेश का कर्मचारी ही नहीं अपितु पुरे देश का कर्मचारी पुरानी पेन्शन बहाली को लेकर जोरदार तरीके से संघर्स कर रहा है



राज्य सरकार इस सम्बन्ध में निर्णय लेने में नहीं हैं | कहा कि सातवें वेतन आयोग में न्यूनतन वेतन रू २६००० किये जाने को लेकर देश के अन्दर बड़े आंदोलन की भूमिका तैयार हुई थी लेकिन सरकार के अस्वासन के पस्चात आंदोलन स्थगित हुआ परन्तु सरकार ने इस सम्बन्ध में आज तक निर्णय नहीं लिया है | उन्होने कहा की सविदा व आउटसोसोसिर्ग तत्काल बंद कर नियमित नियक्तिया की जानी चाहिए आंगनवाडी कार्यकर्ती आशाबहु रसोइयां महिला समेखा कार्य कर्त्ता आदि को नियमित किया जावे तथा न्यूनतम रु 0 1800 की वेतन मानदेय दिया जावे | इसी प्रकार चिकित्सा प्रत्येक नागरिक का मौलिक आधारिक है | सरकारी कर्मचारी को अपरिहार्य शासनादेश द्वारा समाप्त कर दिया गया | यह आंदोलन इन्ही मांगो को लेकर रहा है | 

1 - पुरानी पेन्शन व्यवस्था बहाल की जाये | 
2 - सातवें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन रु 0 26000 किया जाये  | 
3 - सविदा व आउटसोसिर्ग व्यवस्था बंद कर नियमित नियक्तिया की जाये | सविदा व आउटसोसिर्ग ,
आँगन बड़ी कायकर्ता, आशा बहु एव सागिनी , रसोइया ,महिला समाख्या कार्यकर्ती आदि को केंद्र व राज्य कर्मचारी की भांति न्यूनतम वेतन दिया जाये तथा नियमित किया 
जावे |
4 चिकित्सा प्रतिपूर्ति सम्बन्धी दिनाक को जारी शासनादेश वापस लिया जाये | 
आन्दोलन के अगले चरण में जनवरी 2019 को प्रदेश का लाखोकर्मचारी अपनी मागो के समर्थन में हड़ताल करेगा 







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