रिपोर्ट - पुनीत मिश्रा
फर्रुखाबाद
में परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई के खराब शैक्षिक स्तर की गाज मासूमों पर
ही गिर रही है। शिक्षक अपनी क्रूरता का परिचय दे रहे है । एक ऐसा ही मामला
फर्रुखाबाद में सामने आया है । टीचर का पानी न भरने पर छात्र के मुँह में
कपड़ा ठूस कर उसकी डंडों से पिटाई कर देते है ।फर्रुखाबाद फतेहगढ़ स्थित
नरेंद्र सरीन आवासीय सरकारी स्कूल में कक्षा तीन में पढ़ने वाले दिव्यांग
अंशू अपने माता पिता के साथ र जिलाधिकारी मोनिका रानी से शिक्षकों की
शिकायत करने पंहुचा ।
छात्र की माँ ने बताया कि शिक्षक रोहितास कुमार उससे
पानी भरबाते थे जब वह पानी भरने से मना कर देता था।तो उसको पकड़ कर दूसरे
शिक्षक राजेश के साथ मिलकर मुँह में कपड़ा ठूस कर उसकी डंडों से पिटाई करते
थे।जब छात्र के माता पिता उससे मिलने स्कूल पहुंचे तो छात्र ने आपबीती उनको
सुनाई इस बात पर गरीब मां बाप ने उन शिक्षकों से बातचीत की तो उन्होंने
सिरे से नकारने के साथ उनको भगा दिया उसके बाद उन्होंने अपने बच्चे को साथ
लेकर डीएम से शिकायत की है।इस घटना को लेकर जब नगर शिक्षा अधिकारी सोमवीर
सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी हुई है स्कूल जाकर जांच की जायेगी साथ मे
पीड़ित व शिक्षकों से भी बात की जायेगी यदि दोषी पाए जाते है तो कार्यवाही
की जायेगी।
छात्र की माँ
शिक्षा
के मंदिर में विना कार्य के दण्ड क्यो-जिस प्रकार से छात्र अंशू ने अपने
शिक्षकों की क्रूरता का जिक्र किया है।उससे यही कहा जा सकता है।कि क्या यह
वही शिक्षक है जिनके पढ़ाने से छात्र उच्च पदों पर जाकर नौकरी करते है।या
फिर यह कहा जाए कि हर शिक्षक की मानसिकता एक जैसी नही होती है।यदि इस
प्रकार से दिव्यांग छात्रों के साथ शिक्षक ऐसा व्यवहार किया जायेगा तो कोई
भी गरीव अपने दिव्यांग बच्चे को आवासीय स्कूलो में पढ़ने के लिए नही
भेजेंगा।छात्र ने बताया कि जब गुरु जी पानी भरबारे थे तो मुझको आंखों से
दिखाई नही देता है उसी बजह से मना कर देता था लेकिन वह लोग इसी बात को लेकर
मारपीट करते थे।स्कूल के सभी दिव्यांग बच्चो से स्कूल का काम कराया जाता
है।
Important news to show everyone.
ReplyDelete