ब्यूरो कानपुर - रवि गुप्ता
मेक इन इंडिया मिशन के तहत कानपुर की ऑर्डिनेन्स फेक्ट्री ने दुश्मनों के
छक्के छुड़ाने के लिए शारंग तोप का निर्माण किया है वैसे तो इस तोप की रेंज
36 किलोमीटर है लेकिन दुश्मन 39 किलोमीटर की दूरी पर बैठा होगा तब भी वह बच
नही पायेगा। जबकि और पहले जो गन्स थी उनकी रेंज 28 किलोमीटर तक ही थी। इस
शारंग तोप को यूपी डिफेंस एक्सपो 2018 में प्रदर्शनी के रूप में लगाया गया
जहां यह तोप हर व्यक्ति,युवाओ के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रही. इस दौरान
युवाओं ने जमकर शारंग तोप के साथ सेल्फियां भी लीं। इस तोप के आ जाने के
बाद यह तो तय हो गया कि अब दुश्मन 39 किलोमीटर की दूरी पर भी बैठा होगातो
इसके निशाने से बच नही पाया
शारंग
तोप के बारे में जानकारी देते हुए ए के भटनागर ने बताया कि यह शारंग तोप
कानपुर के आयुधि निर्माण में बनी है यह पूरी तरह से स्वदेशी है इसकी मारक
क्षमता 39 किलोमीटर के आसपास है इसकी खासियत यही है कि इसे यही सोच कर
विकसित किया गया है कि दुश्मनों को काफी दूर तक और पहाड़ी क्षेत्रों पर
मुंहतोड़ जवाब देने का काम करेगा इसका ट्रायल हो चुके है 300 तोपें लेने की
रजामंदी दे दी गयी है। यह तोप स्वदेशी होने के साथ साथ विदेशी गनो से काफी
सस्ती भी है। इसका ट्रायल हर जगह सफल रहा। शारंग पूरी तरह से स्वदेशी है।
इसमें 100 फीसदी उपकरण स्वदेशी हैं। शारंग का नाम भगवान विष्णु के धनुष के
नाम पर रखा गया है। शारंग में गोले दागने की क्षमता जबरदस्त है। इस तोप में
पहाड़ों में छिपे दुश्मनों को तबाह करने की विशेष क्षमता है। तोप को 70
डिग्री तक मूव किया जा सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में भी दुश्मनों को
मुंहतोड़ जवाब देगी।
वहीँ
धनुष तोप की खासियत के बारे में एके भटनागर ने बताया कि यह बहुत ही एडवांस
वर्शन है बोफ़ोर्स हिंदुस्तान में आया था जो विवादित हो गया था।यह काफी समय
से बना रहे है इसकी खासियत यह है कि इसकी मारक क्षमता 38 किलोमीटर तक की
है 155 एमएम की धनुष तोप के बैरल का खास आकर्षण है और यह 70 किलोमीटर प्रति
घण्टे की रफ्तार से गोला दागेगी यह भरोसे लायक है।
शारंग
तोप के साथ सेल्फियां ले रही सोनम और मानसी ने बताया कि यह शारंग देख अंदर
एक अलग खुशी हो रही है यह देश की शान है पहले कभी ऐसा नही देखा आज हमने
शारंग तोप के साथ सेल्फी भी ली है।


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