रिपोर्ट - मोबीन मन्सुरी
कन्नौज में भगवान राम के आने के कई प्रमाण देखने को मिलते हैं, जिसमे सीता
जी की रसोई, चिंता मन का मंदिर, राम तट जैसे प्रमाण यहां आज भी स्थित हैं.
जब प्रभु श्री राम ने रावण का वध किया था. इसके बाद प्रभु श्री राम जी को
ब्रह्म दोष लगा। और उन्हें इस बात की चिंता सताने लगी कि बह्मदोष से कैसे
निजाद मिले। तब श्री राम ने अपनी इस चिंता पर गुरु विश्वामित्र से विचार
विमर्श किया।
जिस पर गुरु विश्वामित्र ने बताया कि कान्य कुब्ज ब्राह्मण को
भोज कराने से ही आप के दोष का निवारण हो सकता है। बह्मदोष की चिंता का
निवारण करने के लिए उन्होंने यहां आकर ब्राह्मण भोज कराया। आज उसी स्थान पर
उनकी चरण पादुका का मंदिर बना हुआ है जिसे चिंतामन नाम से जाना जाता है।
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