ब्यूरो कानपुर - रवि गुप्ता
पैग़म्बरे इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के मौके पर कानपुर से
निकलने वाला एशिया का सबसे बड़ा जुलूस- ए -मोहम्मदी परेड ग्राउंड से शुरू
हुआ जिसकी अगुआई जमीयत उलमा हिन्द सौ सालों से अधिक समय से भी करती आ रही
है जिसे जमीयत उलमा प्रदेश अध्यक्ष और शहर के आला अफसरान ने हरी झंडी
दिखाकर रवाना किया
यह जुलुस के शहर के अलग अलग इलाको से होता हुआ तकरीबन 20
किलोमीटर का सफर तय किया। इस जुलूस की लंबाई करीब 13 किलोमीटर थी । जमीयत
उलमा के साथ साथ इस जुलूस में शहर की मुस्लिम अंजुमने भी शिरकत करती है
साथ ही जुलूस के रास्तों में कई जगह हिन्दू मुस्लिम एकता की तस्वीरें भी
दिखाई दी। इस दौरान हिन्दू तंजीमो के लोग स्टाल लगाकर खाने पीने का सामान
तकसीम करते हुए दिखाई दे रहे थे ।
जुलूस
में लोग कलाम ए पाक की आयत पढ़ते हुए निकले और हाथों में इस्लाम के झंडे
साथ तिरंगा झंडा भी दिखाई दे रहा था जो गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल पेश
करता हुआ नजर आया। इस दौरान जुलूस के साथ भारी फोर्स भी मौजूद रहे जिससे
किसी भी प्रकार की अराजकता व अव्यवस्था न फैले । इरफान चच्चा ने बताया कि
यह जुलूस कई वर्षों से इसी तरह साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल बना हुआ है
इस जुलूस का सभी मजहबो मिल्लत के लोग अपने अपने इलाको में जुलूस ए मोहम्मदी
का इस्तकबाल करते हैं व इनकी खुशी में खुशी का इज़हार सरबत, चाय या फूल
मालाओं से करते हैं। यह एशिया का सबसे बड़ा जुलूस है और यहां सभी धर्मों के
लोग एक दूसरे के साथ मिलकर गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल भी पेश की है


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