मिडिया डेस्क
इलाहाबाद का नाम प्रयागराज करने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने
प्रदेश और केंद्र सरकार से सात दिन में जवाब मांगा है। जस्टिस विक्रम नाथ
और जस्टिस राजेश सिंह चौहान ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश
दिया है।
रिटायर्ड पीसीएस अफसर एवं अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय ने याचिका में आरोप
लगाया कि नाम बदलने में जनहित को ध्यान में नहीं रखा गया। केवल राजनीतिक
लाभ पाने के लिए बदला गया है। इसकी वजह से केंद्र व प्रदेश की सरकार पर
आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता विनोद कुमार शाही ने याचिका का विरोध किया है।
कोर्ट ने केंद्र व राज्य के अलावा राजस्व बोर्ड अध्यक्ष व प्रमुख सचिव गर्वनर को भी पक्ष रखने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी।

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