ब्यूरो गोरखपुर - कृपा शंकर
सरकार बदलती रही अधिकारी बदलते रहे लेकिन मुझे न्याय नहीं मिला ऐसा कहना
है ग्रामसभा रामपुर डांडी के अंधे व्यक्ति रामदरस का जिनकी जमीन धोखे से
लिखा लिया गया।मामला 2012 का है जब रामदरस को पेंशन
बनवाने के नाम पर ले जाकर उसकी एक एकड़ से ज्यादा जमीन अपने नाम करा लिया
गया । घर के लोग न जाने इसके लिए उसे ग्यारह महीने तक अपने पास रखा गया ।
बाद में रामदरस के पुत्रों द्वारा अपने घर लाया गया।
रामदरस ने बताया कि खोराबार के एक अपराधी किस्म के व्यक्ति दयाशंकर निषाद पुत्र नंगा निषाद के द्वारा यह काम किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह व्यक्ति अपराधी किस्म का आदमी है जिसने एक बार खोराबार थाना के दो सिपाहियों को भी बंधक बना लिया था।रामदरश के दो पुत्र सिकंदर और सत्रुधन हैं जिनकी माली हालत दयनीय है। सिकंदर ने बताया कि हमें जानकारी होने पर पिता जी को धर लाएं किन्तु जब दयाशंकर निषाद को पता चला कि उक्त मामले में हम केस करने वाले हैं तब उसने पुनः खोराबार से उन्हें दोबारा अगवा कर लिया और लगभग ढाई साल के बाद छोड़ा। इस संबंध में खोराबार थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सिकंदर ने बताया कि इस ढाई साल के बीच उस जमीन को तुफानी देवी और गोरखपुर के नामी-गिरामी सर्राफ के पुत्रवधू के नाम बेच दिया गया।बताते चलें कि एक बार उस जमीन पर कब्जा करने के लिए दयाशंकर निषाद के द्वारा प्रयास किया गया जिसके दौरान रामदरश के दोनों पुत्र काफी चोटिल हो गए थे। चुकी अब मामला अदालत में बिचाराधीन है किन्तु माली हालत दयनीय रहने से कोर्ट फीस भरने में भी यह लोग सच्क्षम नहीं है।
सिकंदर
ने बताया कि इस संबंध में जिले के सभी अधिकारियों को अवगत कराया गया है
जबकि मुख्यमंत्री महोदय को मुख्यमंत्री बनने से पहले और बाद में
दोनों समय प्रार्थनापत्र दिया गया है किन्तु अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई
है।कुलमिलाकर पीड़ित का प्रयास जारी हैं और उसे उम्मीद है कि उनके साथ न्याय होगा।

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