रिपोर्ट - बलराम चौरसिया
अयोध्या के भक्तमाल की बगिया में आयोजित धर्मसभा के दौरान श्रीरामजन्मभूमि न्यास अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास ने कहा कि जहां रामलला विराजमान है वहां शीघ्र राममंदिर का निर्माण हो। मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो यहीं यहां उपस्थित जनसमूह की कामना है। विहिप के माध्यम यहां जुटी भीड़ अद्वितीय और अनुपम है।
आरएसएस के सह सर कार्यवाह कृष्ण गोपाल ने कहा कि आज ही नागपुर और बैंगलोर में भी सभा है। चार सांकेतिक सभाओं के माध्यम से दुनिया को ध्यान दिलाना चाहते है कि रामजन्मभूमि अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। यह रैली सांकेतिक रैली है। कुछ लोग कह रहे है कि उनकी प्राथमिकता नहीं है। यह हिन्दू समाज की प्राथमिकता का विषय है। बाबर के पहले भी चार बार मंदिर को तोड़ने का प्रयास हुआ। परन्तु वह हिन्दू समाज का विश्वास नहीं तोड़ सके।
यह हिन्दू समाज के सम्मान का विषय है। अपमान को धो डालने के लिए 1992 को शौर्य दिवस का आयोजन किया था। हिन्दू समाज के शौर्य को कोई शांत नहीं कर सकता। आरएसएस का मत है कि तो संतो का निर्णय होगा उस निर्णय को मानने का काम आरएसएस करेगा। स्वामी हंसदेवाचार्य ने कहा कि सभी संत एक मंच पर है। जो कहते है कि राममंदिर का मुद्दा समाप्त हो गया है वहीं अध्यादेश लाने की बात कह रहे है। कौन बाधा उत्पन्न कर रहा है।
कौन कह रहा है कि सुनवाई 2019 में होनी चाहिए। हमें चिन्हित करना होगा जो इस प्रकार का षडयंत्र कर रहे है। 4 नवम्बर को संतो ने धर्मादेश जारी किया कि कानून बनाओं या अध्यादेश लाओं। केन्द्र व प्रदेश में अगर कोई और सरकार होती तो न तो संत मंच पर होते और न आप यहां। अच्छे दिन यहीं है कि यह भक्त बैठे है। सुप्रीम कोर्ट अगर कोई फैसला नहीं देता तो हम दिल्ली में 9 नवम्बर को एक और बड़ी सभा करने जा रहे है।

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