ब्यूरो कानपुर- रवि गुप्ता
सखी केंद्र के तत्वावधान में मानवाधिकार दिवस के अवसर पर 16 डेज़ ऑफ एक्टिविज़्म का आयोजन फूलबाग स्थित गांधी प्रतिमा पर किया गया जहां आज कई स्कूल और महाविद्यालयों की छात्राओं के लिए यहां कई गेम्स और कार्यक्रम आयोजित किये गए ।
महिलाओं के मानवाधिकारों की बात अलग से करनी पड़ती है
मानवाधिकार
दिवस के अवसर सखी केंद्र द्वारा 16 दिनों एक्टिविज़्म केम्पेन चलाया जा रहा
है जिसका थीम है आओ विश्व मे बदलाव लाएं आज इसका आखिरी दिन है इस दिन के
अवसर पर इस केम्पेन को थोड़ा अलग करने की कोशिश की गई है। जहां कई स्कूल और
डिग्री कालेज की छात्राओं ने अपने हर क्षेत्र में परफॉर्मन्स दी है जहां
कालेज की छात्राओं ने गीत गाये है कई समाज से जुड़े हुए स्पीच दिए है और
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से समाज को दर्शाया गया है। यह एक्टिविज़्म 16 दिनों
में 25 गांव, 20 बस्तियों व कई स्कूल व कॉलेजों में चल रहे थे आज
मानवाधिकार दिवस के अवसर पर आखिरी दिन यहां मानवाधिकार पर आधारित कई गेम्स
खेले गए हैं।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से समाज मे महिलाओं के प्रति छेड़छाड़
जैसी घटनाओं को दर्शाया गया है। संस्था की अध्यक्ष नीलम चतुर्वेदी ने बताया
कि महिलाओं के मानवाधिकार की बात अलग से करनी पड़ती है बच्चो की अलग और
दलितों की अलग से बात करनी पड़ती है यह शर्म की बात है जब देश मे कानून है
तो ऐसा क्यों घरेलू हिंसा,रेप जैसी घटनाएं बढ़ती जा रही है लेकिन महिलाओ को
हाथ उठाकर चिल्लाना ही पड़ रहा है।

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