
ब्यूरो कानपुर - रवि गुप्ता
सरसौल के जवाहर नवोदय विद्यालय में सातवीं एलुमनी मीट का बड़े ही धूमधाम से
भव्य आयोजन किया गया। जिसमें पच्चीसों साल पुराने दोस्त यार एक बार एक
दूसरे से रूबरू हुए यह मीट का आयोजन विद्यालय प्रांगण में आयोजित किया गया
जिसमें भूतपूर्व छात्रों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत
झंडारोहण और नवोदय प्रार्थना से की गई
किसी
ने पुरानी यादों को ताजा करते हुए पुराने गीतों के साथ समा बांधी तो किसी
ने भोजपुरी और हिंदी गानों पर जमकर थिरक कर समा बांध दिया। इस दौरान
प्रांगण में मौजूद छोटे-छोटे छात्र छात्राओं ने अपने सीनियर छात्र छात्राओं
की प्रस्तुतियां पर जमकर तालिया बजाई। आपको बता दें कि छोटे-छोटे गांव में
गरीब किसानों के बच्चो के लिए सरकार द्वारा 1985 को नवोदय विद्यालय की
स्थापना कराई गई थी जिसमें सरकार द्वारा गरीब बच्चो के लिए पठन-पाठन के लिए
पूरी सुविधाएं मुहैया कराई गयी थी जो आजतक चली आ रही है
वहीं इस नवोदय विद्यालय से पढ़ाई कर निकल चुके पुर्व छात्र छात्राएं आज देश की सेवा में लगे हुए दिखाई दे रहे हैं इसका जीता जागता उदाहरण कानपुर के सरसौल स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में आयोजित एलुमनी मीट के दौरान देखने को मिला। जहां इस वक्त देश विदेश में अपनी छाप छोड़ रहे यहां के भूतपुर्व छात्र बचपन की यादें साझा करने पहुंच गए। इसी स्कूल में पढ़ने वाले छात्र छात्राएं आज अपनी प्रतिभा के बल पर देश की सेवा में लगे हुए दिखाई दिए। ऐसे ही एक पूर्व विद्यार्थी टी एन कौशल जिन्होंने आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए और यादों को जिंदा रखने के लिए कानपुर के अपने पुराने नवोदय स्कूल पहुंचे यहां उन्होंने बचपन की याद ताजा करते हुए बताया कि इस नवोदय विद्यालय में ऐसे ही बच्चे ज्यादातर होते है जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नही होती है यहां 1991 में एडमिशन लिया था
अध्यापकों द्वारा दी हुई अच्छी
शिक्षा के बल पर इस मुकाम पर पहुंचे यहां से पासआउट होने के बाद इंडियन
फॉरेन सर्विस में जॉब मिली यहां के बाद फैज़ाबाद में 2010 से 2011 तक बतौर
एसडीएम के पद पर रहा लेकिन अचानक हमे अपने नवोदय के पुराने दिन याद आ गए
जिसकी वजह से सरकारी नौकरी का त्याग कर दिया और अब गरीब बच्चों को पढ़ाने का
बीड़ा उठाया है जहां वे सिविल सर्विसेज की कोचिंग लखनऊ में संचालित कर रहे
हैं नवोदय हमें मैनेजमेंट सिखाता है यहां से पढ़े हुए बच्चे आज देश के आईएस
ऑफिसर्स के पद पर हैं वही एक्स स्टूडेंट प्रमोद सविता ने बताया कि मुझे
फीवर था लेकिन जहां से हम अपने संस्कारो को पाए और यहाँ की यादों ने फीवर
भी ठीक कर दिया पुराने दोस्त मिले, खुशियां बांटी बताया कि यही से पासआउट
होने के बाद वे कस्टम ऑफिसर के पद पर तैनात होकर सेवा में जुट गए इस वक्त
केरल के त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट कस्टम में हैं।
एलुमनी मीट की जनरल सेक्रटरी नीतू सिंह ने बताया कि यह आयोजन बस इसी उद्देश्य से किया गया कि यहां का बिताया हुआ हर एक बचपन के पल को याद करने का उसे दोबारा जीने का हम सभी को मौका मिलता है। इस अवसर पर एक्स प्रिंसिपल इंद्रपाल सिंह,डॉक्टर सन्तोष सिन्हा,अवधेश शर्मा,एम एम राजा,अरुण प्रकाश
ओम नारायन शुक्ला,गौरव पाल, प्रशंक,अजय गुप्ता समेत तमाम पूर्व छात्र छात्राएं इस मीट का हिस्सा बने।




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