रिपोर्ट- पुनीत मिश्रा
पांचालघाट स्थित भागीरथी के तट पर आस्था की
नगरी को इस बार कुंभ की तरह सजाया जा रहा है। पौष पूर्णिमा पर मेला
रामनगरिया का उद्घाटन किया जाएगा। गंगा में डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालु
बड़ी संख्या में पहुंचने लगे हैं। वहीं प्रशासन की ओर से माघ मेले के पहले
स्नान को देखते हुए व्यवस्थाएं चुस्त दुरस्त की गई हैं जिससे कि गंगा
भक्तों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। पूर्णिमा स्नान का
अपना एक अलग महत्व है वही जूना अखाड़ा के संत सत्यगिरी महाराज ने बताया कि
संतों के परिक्रमा के लिए इस बार रास्ता नहीं बनाया गया है। वहीं, गंदे
नाले का पानी भी सीधे गंगा में गिर रहा है। इससे नागा संतों में खासा रोष
है। वह लोग शाही स्नान का विरोध कर स्नान नहीं करेंगे
मेला रामनगरिया मिनी कुम्भ शुरू होने जा रहा है शुरुरात होने से पहले
सन्तों ने गंगा में गिरने बाले नाले को लेकर कई बार आवाज उठाई लेकिन
प्रशासन ने नाले को बंद करने को लेकर कोई भी पहल नहीं की जिससे नजर होकर
साधु संत शाही स्नान नहीं करेंगे ।साधु संतो का कहना है कई बार
प्रशासन को अवगत करने के बाद भी गन्दा नाला का पानी गंगा में गिरना बंद
नहीं हुआ है हम लोग गंदे पानी में स्नान करे ऐसा नहीं होगा । केंद्र में
भाजपा सरकार के पांच साल पूर्ण होने वाले है इस समय प्रयागराज में कुम्भ
मेले के बाद भी बाद भी गंगा मैली की मैली दिखाई दे रही है।जिसका मुख्य कारण
यह है शहर से निकलने वाले नालों का पानी सीधा गंगा में प्रभाहित हो रहा
है।उन नालों पर कोई भी ट्रीटमेंट प्लांट नही लगाया गया है
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