भाजपा के लिए शुभ रहे दिल्ली के रामलीला मैदान से पार्टी ने लोकसभा
चुनाव के लिए बिगुल फूंक दिया है। अब तक के सबसे बड़े राष्ट्रीय अधिवेशन की
शुरूआत करते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने जहां विपक्ष पर हमला किया,
वहीं अपने कार्यकर्ताओं को इसका अहसास भी करा दिया कि इस लड़ाई में चूक के
लिए स्थान नहीं है। पानीपत की लड़ाई का जिक्र करते हुए उन्होंने आगाह किया
कि उस वक्त मराठा हारे तो फिर दो सौ साल की गुलामी झेलनी पड़ी थी। लिहाजा
कमर कस कर मैदान में उतरें। वैसे यह कहकर उत्साह भी बढ़ाया कि मोदी कभी
हारे नहीं है। एक बार फिर पिछली बार बड़ी जीत होगी।
लगभग एक घंटे के भाषण में उन्होंने जहां राम मंदिर निर्माण का
संकल्प दोहराते हुए जोश का संचार किया। वहीं यह भी संकेत दे दिया कि
कल्याणकारी योजनाओं के साथ साथ जीएसटी में लघु व मध्यम व्यापारियों के लिए
मिली राहत और गरीब सवर्णो के आरक्षण का मुद्दा पार्टी के चुनाव प्रचार का
बड़ा एजेंडा होगा। शुक्रवार से दिल्ली में भाजपा की दो दिवसीय राष्ट्रीय
परिषद की शुरूआत हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पूरे देश के चुने हुए
प्रतिनिधियों की लगभग दस हजार की भीड़ को संबोधित करते हुए उन्होंने
स्पष्ट कर दिया कि पिछली बार भी यहीं से जीत का संकल्प लिया गया था। इस बार
भी इसी स्थल को चुना गया है।
बीजेपी की राष्ट्रीय परिषद के अधिवेशन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि 1950 से जो विचारधारा लेकर चले थे, उसी दिशा में बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि 2014 के चुनावी घोषणा पत्र में पार्टी ने रामजन्म भूमि पर मंदिर के निर्माण के संबंध में बात कही थी.
रामलीला मैदान में देशभर से बड़ी संख्या में आए पार्टी नेता, सांसद, विधायक एवं कार्यकर्ताओं के उद्घोष के बीच शाह ने कहा कि बीजेपी चाहती है जल्द से जल्द उसी स्थान पर भव्य राम मंदिर का निर्माण हो और इसमें कोई दुविधा नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रयास कर रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट में चल रहे केस की जल्द से जल्द सुनवाई हो. लेकिन कांग्रेस इसमें भी रोड़े अटकाने का काम कर रही है


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