ब्यूरो लखनऊ
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता जुगल किशोर ने कहा है कि गेस्ट हाउस
कांड की याद आते ही आज भी गाँव-गाँव में दलित भाई सिहर उठते हैं। लखनऊ के
सरकारी गेस्ट हाउस में बहन मायावती पर जानलेवा हमला करते हुए जहाँ उनको
हर तरह से अपमानित किया गया तो वहीं समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने
पूरे प्रदेश में चुन-चुन कर दलित परिवारों पर हमले किये, उन पर बुरी तरह
अत्याचार किया, दलित माताओं-बहनों का अपमान किया।
इतना ही नहीं प्रदेश भर
में सपा के लोगों ने बाबा साहब की मूर्तियाँ ध्वस्त कर दीं। जुगल किशोर ने
कहा कि आज सत्ता के लालच में बहन जी इन्हीं समाजवादी पार्टी के लोगों के
साथ आ खड़ी हुई हैं। ये दलित समाज के साथ ही साथ बाबा साहब और संविधान को
मानने वालों का अपमान है। बहन जी ने गेस्ट हाऊस कांड के आरोपी सपाइयों के
साथ खड़े होकर पूरे देश में दलितों के जख्मों को एक बार फिर हरा कर दिया
है।
प्रदेश प्रवक्ता जुगल किशोर ने कहा कि किसे याद नहीं है कि गेस्टहाउस कांड के बाद समाजवादी पार्टी के लोगों ने गांवों-गांवों में बाबा साहब की मूर्तियों को अपवित्र करने के साथ ही साथ दलितों पर कहर ढाया था। ऐसे में भाजपा विधायक स्व ब्रहमदत्त द्विवेदी ने अपनी जान पर खेल कर ना सिर्फ मायावती की जान बचाई बल्कि उन्हें मुख्यमंत्री भी बनवाया। इसके जवाब में प्रदेश में जब जब सपा सरकार आई तब तब दलितों को प्रताड़ित किया गया। उनकी जमीनों पर कब्जे किए गए। सपा सरकारों में दलित अफसरों को चुन चुन कर अपमानित और प्रताड़ित किया गया। उन्हें निशाना बनाया गया। तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश ने हर जनसभा में अपने करीबी आजम खां से बाबा साहब के लिए खुलेआम अभद्र भाषा का इस्तेमाल कराया। अखिलेश की मौजदूगी में जब आजम खां बाबा साहेब लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते तब सपाइयों की भीड़ उत्साह में तालियां बजाती और वहाँ से निकल कर दलित बस्तियों और बाबा साहब की मूर्तियों को निशाना बनाती। यही सब देख खुद बहन मायावती जी सपा को गुंडों की पार्टी करार देती रहीं और उन्होंने नारा भी दिया था कि चढ गुंडों की छाती पर, मुहर लगाओ हाथी पर।
प्रदेश प्रवक्ता में कहा कि आज प्रदेश ही नहीं देश का दलित समाज हैरान है इस अजीबोगरीब गठबंधन को देख कर और खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।

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