कानपुर -मकरसंक्रांति के दिन किन्नरों ने लिया अंगदान की शपथ - Tahkikat News

आज का Tahkikat

Monday, 14 January 2019

कानपुर -मकरसंक्रांति के दिन किन्नरों ने लिया अंगदान की शपथ



कानपुर ब्यूरो -रवि गुप्ता 

तुलसी पंक्षिन के पिए घटे न सरिता नीर , धन दिये धन न घटे ,जो साहये रघुवीर। इस  दोहे के साथ दान के सबसे बड़े पर्व मकर संक्रान्ति के दिन कानपुर शहर में एक अनूठी पहल की नींव रखी गयी है... कानपुर के एक मात्र युग दधीचि देहदान संस्थान  के अंगदान, नेत्रदान और देहदान अभियान काफी समय से किया जा रहा है जिसके चलते सोमवार को मंगलामुखी (किन्नर) बहनों ने अंगदान करने की सस्था के सामने शपथ ली. कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व महापौर जगतवीर सिंह द्रोण ने दीप जलाकर की... इसके बाद मगलामुखी बहनों ने फ़ार्म भर अंगदान की शपथ ली...
 इस दौरान अखिल भारतीय किन्नर महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष काजल किरण ने बताया कि मानवता सबसे बड़ा कर्म है समय में लोगो को तरह तरह की बीमारिया हो जताई है जैसे किसी की आखे नहीं है तो किसी की किडनी फेल हो जाती है ऐसे में हम किन्नर समाज के लोग आज युग दधीचि संस्था के साथ जुड़ कर शपथ ली है की हमारे मृत्यु के पश्चात हमारे शरीर के आगे को किसी जरूरत माध को दे दिया जाए जिसके लिए हम लोगो ने अपने अपने अंगो का दान किया है। जिससे हमारे बाद हमारे अंगों से किसी का जीवन बच सके इससे बड़ा पुण्य का काम और कुछ नहीं है...आज के दिन लोग रूपए पैसे सामन दान करते है लेकिन हम लोगो ने अपने अपने अंगो का दान किया है। ससंथा के अध्यक्ष मनोज सेंगर ने बताया की संस्था काफी समय से इस अभियान को चला रही है जिसमे लोग अपने अपने आगे को दान करने की शपथ लेते चले आ रहे है इसी क्रम में आज किन्नर जिनको हम 

मंगलामुखीकहते है क्यों की हमारे शुभ कार्यो में इन्हे देखना सुबह माना गया है लेकिन हम इनको अपने साथ लेकर चलने में शर्मिदगी महसूस करते है लेकिन आज इन्होने अपने अपने अंगो को दान करने की शपथ लेकर ये बता दिया की किन्नर किसी से भी पीछे नहीं है। 

No comments:

Post a Comment

तहकीकात डिजिटल मीडिया को भारत के ग्रामीण एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में समाज के अंतिम पंक्ति में जीवन यापन कर रहे लोगों को एक मंच प्रदान करने के लिए निर्माण किया गया है ,जिसके माध्यम से समाज के शोषित ,वंचित ,गरीब,पिछड़े लोगों के साथ किसान ,व्यापारी ,प्रतिनिधि ,प्रतिभावान व्यक्तियों एवं विदेश में रह रहे लोगों को ग्राम पंचायत की कालम के माध्यम से एक साथ जोड़कर उन्हें एक विश्वसनीय मंच प्रदान किया जायेगा एवं उनकी आवाज को बुलंद किया जायेगा।