रिपोर्ट - मोबीन मन्सुरी
कन्नौज में कोचिंग पढ़कर लौट रहे बीएससी के छात्र
सतेंद्र का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। सतेंद्र एक जनवरी को कोचिंग पढ़कर
लौट रहा था कि उसने अचानक नहर में छलांग लगा दी थी । उसे बचाने के लिए
उसका एक साथी भी कूदा था लेकिन उसको सफलता नहीं मिली थी । युबक को तलाशने
के लिए उच्चाधिकारियों से कहकर नहर में पानी कम कराकर गोताखोरों को भी नहर
में उतारा गया। लेकिन चार दिन बीत जाने के वावजूद भी कोई सफलता हाथ नहीं
लगी।
बताते चले कि एक जनवरी को सौरिख थाना क्षेत्र के चपुन्ना निवासी पूर्व सैनिक जुगुल किशोर का सबसे छोटा बेटा सतेंद्र डीवीएस कालेज देईपुुर में बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र है। एक जनवरी को सुबह करीब नौ बजे वह घर से कोचिंग के लिए सौरिख गया था। दोपहर में वह कोचिंग से लौट रहा था, उसके साथ तीन साथी और थे। नहर पुल पर पूर्व सहपाठी सुनील कुमार पुत्र विनोद कुमार मिला। सुनील से बातचीत कर सतेंद्र पुल पर टहलने लगा। कुछ देर बाद उसने नहर में छलांग लगा दी। सतेंद्र को बचाने के लिए सुनील ने भी छलांग लगाई लेकिन सफल नहीं हुआ। सूचना पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और सौरिख थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह, चौकी इंचार्ज महेशचंद्र मिश्रा भी पहुंच गए। उच्चाधिकारियों से कहकर नहर में पानी कम कराया। उसके बाद गोताखोरों को नहर में उतारा गया। गोताखोर काफी देर तक छात्र को नहर में खंगालते रहे लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। उसके बाद भी परिजन बेटे की सलामती के लिए नहर पर टकटकी लगाए हैं।अब सुरु हुई चर्चाएं
लोगों के जहन में अब एक सवाल उठा रहा है है कि सतेंद्र उर्फ़ छोटू ने यह कदम क्यों उठाया जबकि उसके पिता फौज से रिटायर हो कर बॉम्बे में रहकर नौकरी करते ,इसका बड़ा भाई अजय पाल फौज में जबकि सबसे बड़ा भाई पंकज पाल गांव टेन्ट की दूकान किये हुए है। वंही कुछ लोग दबी जुबान से चर्चा कर रहे कि प्रेम प्रसंग के चलते यह कदम तो नहीं उठाया गया है। घटना स्थल पर निरंतर सतेंद्र की तलाश जारी है लेकिन उसका अभी तक कोई सुराग भी नहीं लगा।
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