रिपोर्ट - राकेश सिंह
सरकार द्बारा लाखों रुपये खर्च करके गांवो मे पंचायत सचिवालयो का निर्माण कराया गया ताकि गांव के लोग एक साथ मिल बैठकर अपने गांव के विकास की रूप रेखा तैयार कर सकें। लेकिन भ्रष्टाचार के कारण गांवों में बने पंचायत सचिवालय आज खंडहर में तब्दील हो चुके हैं।किसी भी भवन में आज तक ग्राम पंचायत अधिकारी व प्रधानों ने बैठना तो दूर की बात उसकी दशा तक देखने की जहमत नहीं उठाई जिसके चलते तमाम ग्राम पंचायत सचिवालय में अवैध कब्जा भी हो चुका है।ब्लाक क्षेत्र में बने मिनी सचिवालय या पंचायत भवन बेमानी साबित हो रहे हैं। इन भवनों को कहीं पर गोशाला बनाकर तो कहीं पर अवैध कब्जा करके उन्हें आवास का रूप दे दिया गया है। आपको बताते चलें की नरहरपुर में पंचायत सचिवालय में ग्रामीणों द्वारा अलाव जलाया जाता है व महीने 2 महीने पर कोटेदार द्वारा मिट्टी का तेल व खाद्यान्न वितरण किया जाता है।बस केवल इन्हें ही मंजूरी मिली है यहां कुछ करने की वहीं ब्लॉक क्षेत्र के बभन गांव में बने पंचायत भवन पर अवैध कब्जा है। इसमें पशुओं को बांधा जाता है।ग्राम सभाओं में बने पंचायत भवन उपेक्षा का दंश झेल रहे हैं। इन पर भले ही लाखों रुपए खर्च हुए हाें मगर इनकी सार्थकता पर बड़ा प्रशनचिह्न लगा हुआ है।

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