REPORT -- तुफ़ैल ताहा
हमीरपुर जिले में बेतवा नदी किनारे बीहड़ इलाके में बसे एक गांव में करीब 15 साल पूर्व नरबलि के एक सनसनीखेज मामले में उम्र कैद की सजा काट रही एक महिला को शासन के आदेश के बाद आज रिहा कर दिया गया है जबकि उसका देवर अभी भी जेल में उम्र कैद की सजा काट रहा है।
महिला ने सवा चौदह
साल से अधिक समय तक जेल में बिताये जिले के ललपुरा थाना क्षेत्र के बजेहटा
गांव निवासी जयपाल सिंह की पुत्री महिमा (05) की 19 अक्टूबर 2004 को धारदार
हथियार से गला रेत कर हत्या की गयी थी। मौके से पूजा पाठ का सामान मिलने
पर लोगों ने इस घटना को नरबलि बताया था। इस घटना में पुलिस ने पड़ोसी छोटे
पाण्डेय व उसकी भाभी माया पत्नी बाबू पाण्डेय को नामजद कर हत्या कर साक्ष्य
छिपाने की धाराओं में मुकदमा कायम किया था। पुलिस ने दोनों घटना के दूसरे
दिन गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इस मामले की सुनवाई 21 नवम्बर 2011 को
अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट-1 ने दोष साबित होने पर माया पाण्डेय व उसके देवर
छोटे पाण्डेय को उम्रकैद की सजा दी थी। उम्रकैद की सजा के बाद दोनों
हमीरपुर की जेल में निरुद्ध है। जेलर पीके त्रिपाठी ने शनिवार को बताया कि
शासन स्तर पर स्थायी समिति की बैठक में सिद्ध दोष महिला कैदी माया पाण्डेय
की आगे की सजा माफ कर दी , जिसे जेल से रिहा किया गया है। जेल प्रशासन की
ओर से महिला को एक प्रमाणपत्र भी दिया है। यह महिला कैदी, जेल में 14 साल
तीन माह बारह दिन की अवधि तक रही है। महिला के जेल गेट से निकलते ही उसके
भतीजे भांजे ने फूलों की माला डालकर स्वागत किया।
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