रिपोर्ट - महेंद्र मिश्रा ब्यूरो उत्तर प्रदेश
राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश प्रवक्ता सुरेन्द्रनाथ त्रिवेदी ने कहा कि
प्रयागराज मे हिन्दू परिषद एवं संतों के माध्यम से आयोजित धर्म
संसद में एक बार पुनः मन्दिर निर्माण की भाषा गोल माल रूप में रखी गयी।
संतो और धर्माचार्यों के उपदेशो से जनता लाभान्वित होती है
परन्तु इस धर्म संसद में ऐसा आभास हुआ कि प्रमुख उपदेशक संघ प्रमुख मोहन
भागवत रहे और उनके उपदेशो का पालन संतों ने किया। इस प्रकार संतों के
माध्यम से उल्टी गंगा बहाने का कार्य संघ प्रमुख ने किया। यदि इसी प्रकार
देश में मन्दिर के नाम पर धर्मसंसद बुलाकर भाजपा के पक्ष में चुनावी माहौल
तैयार करना है तो ज्यादा अच्छा होगा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सभी संतों
को भाजपा के पक्ष में जनसम्पर्क अभियान में लगा दे। संघ प्रमुख का उपदेश
संत गण स्वीकार कर लेंगे और देश में भाजपा का सैलाब आ जायेगा। त्रिवेदी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और हिन्दू परिषद दोनो की ही
रामन्दिर निर्माण की कोई इच्छा नहीं है केवल चुनावी वर्ष में ही राममन्दिर
का राग अलाप कर संतों के माध्यम से उनके भक्तजनों का रूप भाजपा के पक्ष में
मोड लेते हैं। वर्तमान चुनाव से पूर्व भाजपा केन्द्र में पूर्ण बहुमत और
साथ ही साथ डबल इंजन की सरकारों की मांग जनता से करती थी परन्तु विगत पांच
वर्षो मे देश की जनता ने कई इंजन एक साथ लगाकर भाजपा की सरकार बनायी
परन्तु देश की जनता ठगी गयी क्योंकि न ही मन्दिर बना और न ही किसानों और
नौजवानों को पांच साल तक सही दिशा प्राप्त हो सकी। अब पुनः चार वर्ष बीतने
के बाद केन्द्र सरकार की विदाई के समय संतों के माध्यम से जाप कराकर मन्दिर
की बाधाएं दूर करने का प्रयास किया जायेगा। रालोद प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि शायद संघ प्रमुख और हिन्दू परिषद यह भूल गयी है
कि राम के नाम में ही इतनी शक्ति है कि राम जब चाहेगे तब मन्दिर बन जायेगा
और बाधाओं को कोई स्थान नहीं मिलेगा। देश की जनता राम में आस्था रखती है
परन्तु भाजपा और हिन्दू परिषद की आस्था समाप्त हो गयी है। आगामी
लोकसभा चुनाव में भाजपा की काठ की हाण्डी अब नहीं चढेगी। सर्वोच्च
न्यायालय और संविधान में भी आस्था रखना देश के प्रत्येक नागरिक का नैतिक
दायित्व है और भाजपा के कर्णधार अक्सर न्यायपालिका और संविधान के विपरीत
बयानबाजी करते हैं जो निदंनीय है।

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