ब्यूरो कानपुर -रवि गुप्ता
राष्ट्रपति अपने दूसरे कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय विपश्यना केंद्र पहुंचे और
धम्म कल्याण विपश्यना केंद्र के पुरुष भवन का भी लोकार्पण कर अपना सम्बोधन
दिया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने सम्बोधन में कहा कि विपश्यना
केन्द्र में आत्मनिरीक्षण द्वारा आत्मशुद्धि की अत्यंत पुरातन साधना-विधि
है। यह उन्होंने केन्द्र में खुद साधना के दौरान महसूस की है। इस साधना से
यह पता चला कि जो जैसा है, उसे ठीक वैसा ही देखना-समझना चाहिए। विपश्यना
ध्यान पद्धति का भारत ने पूरी दुनिया में पहुंचाया। जो अब स्वयं का ही नहीं
पूरे विश्व का कल्याण करने वाली बन गई है। राष्ट्रपति ने कहा कि जिस तरह
से शारीरिक व्यायाम से शरीर स्वस्थ बनाया जाता है ठीक वैसे ही विपश्यना
पद्धति मन को स्वस्थ बनाने का काम करती है।
यह पद्धति भगवान गौतम
बुद्ध ने लगभग 2500 वर्ष शुरु की थी। वर्तमान में इस विलुप्त हो चुकी
पद्धति का दोबारा अनुसंधान कर शुरुआत तेजी से बढ़ रहा है। इससे सार्वजनीन
रोग के सार्वजनीन इलाज व जीवन जीने की कला को सर्वसुलभ बनाया जा रहा है। इस
सार्वजनीन साधना-विधि का उद्देश्य विकारों का सम्पूर्ण निर्मूलन और
परिणामतः परमविमुक्ति का उच्च आनंद हासिल करना है। यह साधना मानव के
मन-मस्तिष्क का व्यायाम कर प्रसन्न रखने में सहायक है। विपश्यना के
कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद राष्ट्रपति जनपद में डीएवी कॉलेज लॉन में
आयोजित छात्र शताब्दी दिवस में शामिल होने के लिए रवाना हो गये।
राष्ट्रपति
के कानपुर दौरे के चलते जिला व पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के चाक-चौबंद
व्यवस्था कर रखी है। जगह-जगह पर सुरक्षा कर्मी तैनात है और खुफियां
एजेंसियां जनपद में होने वाली घटनाओं व संदिग्धों पर नजर बनाये रही । इस
दौरान सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कैबिनेट मंत्री सत्यदेव पचौरी,
सतीश महाना, महापौर प्रमिला पांडेय, सांसद देवेन्द्र सिंह भोले, सलिल
विश्नोई, विधायक कमल रानी वरुण, कमिश्नर सुभाष चन्द्र शर्मा, एडीजी प्रेम
प्रकाश, जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत, एसएसपी अनंत देव मौजूद रहें


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