कानपुर - स्म्रति ईरानी बोली मां काली के द्वार पर विजय का मांगा आशीर्वाद - Tahkikat News

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Sunday, 24 March 2019

कानपुर - स्म्रति ईरानी बोली मां काली के द्वार पर विजय का मांगा आशीर्वाद


 ब्यूरो कानपुर रवि गुप्ता 

 विजय का संकल्प लेकर कानपुर पहुंची केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का काली मठिया चौराहे पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने फूलों का हार व चुनरी ओढ़ा कर स्वागत किया इस दौरान उन्होंने हाथ जोड़कर  सबका अभिवादन स्वीकार किया.मंच के आसपास चारो तरफ भारी संख्या में महिलाएं और पुरूष इस मंत्री को सुनने पहुंचे मंच को सम्बोधित करने से पहले जैसे ही उन्होंने माइक संभाला सबसे पहले भारत माता की जय का लंबा नारा लगाया जिसके बाद उन्होंने अपना उद्बोधन शुरू किया वही इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर अचानक जनता के बीच सांड घुस आया और लोग इधर उधर भागने लगे तभी स्मृति ने सभी का हाल पूछा और अपना उद्बोधन कंटीन्यू किया उन्होंने शुरुआत करते ही खुद को गंगा मैया की बेटी बताते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका पर तंज कसते हुए कहा कि अमेठी के लोगों ने कह दिया है कि कांग्रेस के प्रेसीडेंट की दाल अब नहीं गलने वाली वही उन्होंने कानपुर की वो उस क्रांतिकारी धरती के बारे में बताया जिसने अंग्रेजों को भगाया वो धरती कहती है कि भाग राहुल भाग वहीं उन्होंने सरकार की उपलब्धियां का गुणगान करते हुए कहा कि चार साल में नौ करोड़ लोगों को शौचालय दिया 




किसान सम्मान योजना के तहत पहली बार हर साल छ हजार रूपया दिया कांग्रेस के राज में गांव में अंधेरा और नेताओं के घर उजाला बना रहा तीस करोड़ से ज्यादा लोगों को आर्थिक योजनाओं से जोड़ा जबसे नरेन्द्र मोदी प्रधान सेवक और योगी सीएम बने तो कानपुर में मेट्रो का काम हो रहा है. सभी से निवेदन करते हुए कहा कि नरेन्द्र मोदी को फिर से आशीर्वाद दें कानपुर को और भी सौगाते मिलेंगी वही गठबंधन पर चुटकी लेते हुए कहा कि जो साइकिल और हाथी पर सवार वो मेट्रो का सपना कहां देखेंगे हाथी साइकिल पर सवार होता है तो विकास की गाड़ी पंचर हो जाती है अगर लक्ष्मी को घर लाना है तो साइकिल और हाथी पर नहीं लक्ष्मी कमल पर आती हैं। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के एडवाईजर सैम पेत्रोदा के बयान पर जमकर निशाना साधा कहा कि सैनिक की बहादुरी पर शक करता है धिक्कार है कांग्रेस पर जो कहते हैं कि पुलवामा जैसी घटनाएं तो होती ही रहती हैं 26/11 के हमले के बाद सेना के तैयार होने के बाद भी कुछ नहीं किया उन्होंने मंच से लोगों से अपील करते हुए कहा कि ऐसे लोगों को कतई आशीर्वाद न दें जो देश की सेना पर शक करता हो. जिसके बाद स्मृति की जनसभा भारत माता की जय के उद्घोष के साथ समाप्त हुई

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