रिपोर्ट - रवि गुप्ता
कहते
हैं कि बच्चो को बचपन मे अगर एक बार किसी भी चीज़ की लत लग जाए तो वह छूटती
नही है वहीँ सरकार बच्चो के भविष्य के लिए कई अभियान चलाकर बच्चो को
शिक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रयासरत भी है और नशा मुक्त अभियान
जैसे कई मुहिम छेडे हुए है कानपुर में कुछ बच्चे ऐसे भी है जो नशे के इतने
आदि हो चुके हैं कि वह भीख मांगकर नशे का सेवन करते हुए दिखाई दे रहे है
उन्हें इस बात की चिंता बिल्कुल नही है कि उनका भविष्य इस नसे के अंधकार
में डूब रहा है कानपूर के शिक्षक पार्क में ऐसा ही एक मामला देखने को
मिला जहां ये छोटे छोटे बच्चे खेलने की उम्र में लोगो से भीख मांगते है
ख़ास बात तो यह है की ये खाना खाने के लिए नही बल्कि नशा करने के लिए भीख
मांगते है और इन्हें रोकने वाला कोई नही है। बच्चो का कहना है कि साइकिल
मार्किट से ये नशे का सुलोशन 35 रुपये में खरीदते है जिससे इन्हें बेहताशा
नशा होता है इन बच्चो का कहना है कि इन्हें यह नशा करने में बहुत अच्छा
लगता है जबकि इन्हें यह नही पता कि यह नशा जहर का काम उनके शरीर मे कर रहा
है.
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