ब्यूरो बनारस -कैलाश सिंह विकास
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रनेताओं पर पुलिस ने बल प्रयोग किया है। चेतगंज थाने के सामने धरना प्रदर्शन कर रहे छात्रनेताओं को पुलिसकर्मियों के कोप का शिकार होना पड़ा है। इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गयी। इस मामले में पुलिस और छात्रनेताओं की दलीलें एक दूसरे से अलग अलग हैं।
छात्रनेताओं का आरोप
काशी विद्यापीठ के छात्रसंघ पुस्तकालय मंत्री अमित यादव ने बताया कि एक कार्यक्रम के संबंध में समय मांगने के लिये वे थाने पहुंचे, जहां थानाध्यक्ष ने बिना किसी बात के उन्हें गंदी गंदी गालियां दीं और मुकदमा दर्ज करने की धमकी देते हुए भगा दिया। छात्रनेता अमित यादव के अनुसार इंस्पेक्टर चेतगंज दिनेश कुमार पांडेय ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के महानगर मंत्री को गंदी गंदी गालियां देकर मारते हुए थाने से बाहर भगा दिया। इस
पुलिस की सफाई
वहीं इस संबंध में चेतगंज क्षेत्राधिकारी अंकिता सिंह ने बताया कि कुछ छात्राओं ने छेड़खानी किये जाने की शिकायत की थी। इसपर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो युवकों को हिरासत में ले लिया था। इन दोनों को छुड़ाने के लिये ही कुछ छात्रनेता किस्म के युवक थाने पर आये और थाना प्रभारी पर अनावश्यक दबाव बनाने लगे
पर आक्रोशित छात्र नेताओं ने थाने के सामने ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्र नेताओं का आरोप है कि थाने के बाहर लोकतांत्रिक तरीके से धरना प्रदर्शन कर रहे छात्रों के ऊपर थानाध्यक्ष के आदेश पर पुलिसकर्मियों ने लाठियां बरसा दीं और हमें दौड़ा दौड़ाकर पीटा गया।
नहीं चली है लाठी : सीओ
क्षेत्राधिकारी अंकिता सिंह के अनुसार छात्रनेता किस्म के युवकों की बात जब नहीं मानी गयी तो उन्होंने थाने के बाहर बैठकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसपर उन्हें कड़ाईपूर्वक सड़क से हटाया गया। जब क्षेत्राधिकारी से छात्रनेताओं पर लाठियां बरसाने के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने इनकार कर दिया। क्षेत्राधिकारी अंकिता सिंह के अनुसार छात्रों पर लाठी नहीं बरसायी गयी है। हालांकि प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो पुलिस की लाठियों से कई छात्रनेता और न्यूज कवरेज करने पहुंचा एक पत्रकार घायल हुआ है।

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