कानपुर - जून की गर्मी ने बरपाया कहर, घरों में कैद रहे लोग - Tahkikat News

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Sunday, 9 June 2019

कानपुर - जून की गर्मी ने बरपाया कहर, घरों में कैद रहे लोग

 
ब्यूरो कानपुर रवि गुप्ता

 जून का महीना और तपता हुआ सूरज हर तरफ लोगों पर कहर बनकर टूट रहा है। भीषण गर्मी मेें लोग पस्त हो चुके है। इस भीषण गर्मी और उसम से शहर के लोग त्रस्त हो चुके है और इस उमस भरी गर्मी में बारिश होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे है। वहीं दूसरी तरफ घरों में गर्मी से राहत दिलाने वाले संसाधनों में कूलर, पंखा सभी व्यर्थ नजर आ रहे है। गर्मी केे आगे सब बेबस है ऊपर से शहर में लगातार बिजली की भीषण कटोली से जनता त्राहिमाम बोल रही है। घरों में बच्चे, वृद्ध गर्मी से बेहाल हो रहे है। बीती गुरूवार को तेज आंधी व बारिश से थोडी राहत तो मिली लेकिन षुक्रवार सुबह से उमस भरी गर्मी ने सबका दम निकाल दिया। एक सप्ताह से पड रही भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। आम लोगो ही नही पशु-पंक्षी भी गर्मी से व्याकुल दिख रहे है। सुबह से ही सडकों पर सन्नाटे का असर दिखने लगा है। आलम यह कि रविवार को छुटटी के दिन सडकों पर सन्नाटा पसरा रहा। दिन की तपन और रात की उमस ने लोगों की नींद उडा रखी है। दरअसल पुरवाई हवा के प्रभाव से उमस ने अपना काम दिखाना शुरू कर दिया है। इस कहर बरपाती गर्मी के चलते लोगों को घर में पंखों में सुकून नही मिल रहा है। आग उगल रहे पंखों में लोग बेहाल है। ऐसे में बाजारो में ऐसी की मांग काफी बढ गयी है। बीते मई माह में पडने वाली गर्मी में बेतहाशा कूलर की बिक्री हुई थी। वहीं कूलर विक्रता की माने तो उनका कहना है कि प्रतिदिन 10 से 12 कूलर की बिक्री हो रही है। शहरियो को उम्मीद है कि एक बार अगर झमाझम बारिश हो जाये तो कुछ राहत मिल जाये। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और भी बुरे हो गये है। नदी व तालाबो का पानी सूख गया है नहरे भी बिना पानी के हो गयी है, वहीं पानी न मिलने से जानवरो का चारा भी सूख चुका है। शहर में कई ऐसे लोग है जिन्होने जानवरो का ध्यान रखा है और अपने घरों के बाहर जानवरो के लिए पानी की व्यवस्था कर रखी है।

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