रिपोर्ट- राजित राम यादव
बसदेवा कुंवर गांव में विकास सिर्फ कागजों में रहकर सिमट गया है । इस गांव में सड़क शिक्षा पानी आवास शौचालय जैसी मूल सुविधाओं से ग्रामीण वंचित है। जो भी शौचालय बने हैं उसमें ग्रामीणों ने कंडा भर दिया है क्योंकि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही से सारे शौचालय अधूरे हैं। जिला अधिकारी बस्ती डॉक्टर राजशेखर ने कहा कि टीम गठित कर इस गांव में चाहे शौचालय की समस्या हो या विकास सहित सारे मामले को जांच कराई जाएगी और जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
जहां बीजेपी सरकार के जनप्रतिनिधि विकास का लाख दावा ठोक रहे हैं वही विकास कार्य सिर्फ कागजों में रहकर सिमट गया है , हम आप को लेकर चल रहे हैं बस्ती जिले के हरैया विकासखंड के बसदेवा कुंवर गांव में जहां विकास देखकर आप भी दांत के तले उंगली दबा लेंगे ।
बस्ती जिले के जिला अधिकारी डॉ राजशेखर के लाख प्रयास के बाद भी नीचे के अधिकारी गांव में विकास कार्य सिर्फ कागजों में कर रहे हैं आज संवाददाता की टीम विकास कार्यों की रियलिटी चेक करने के लिए बस देवा कुंवर गांव में पहुंची तो वहां जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रहा है। इस गांव में शौचालय बच्चों के शिक्षा के लिए स्कूल गांव में पानी निकलने के लिए नालियां गांव में पहुंचने के लिए सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से यह गांव वंचित है इस गांव में ज्यादातर लोग झोपड़ियों में रहते हैं सूची में नाम रहते हुए आवास इन गरीबों को नहीं दिया गया प्रधान द्वारा यह कहा जाता है कि पैसा दोगे तभी आवाज देंगे
जहां प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए हर वर्ष करोड़ों रुपए खर्च कर रही है वहीं बस देवा कुंवर गांव में बच्चों को पढ़ने के लिए एक भी स्कूल नहीं है ना तो प्राथमिक विद्यालय है ना तो जूनियर विद्यालय है इस गांव में बने शौचालय अधूरे बने हुए हैं वहीं जनता को मजबूर होकर गांव के बाहर शौच के लिए जाना पड़ता है आए दिन आवारा पशुओं से उनके ऊपर जानलेवा हमला भी होता है वही इस गांव में ना तो सड़क है नाही नालियां बनी है गंदा पानी इकट्ठा होकर ग्रामीणों को बीमारी का दावत दे रही है जनता पूरी तरह परेशान है वहीं ग्रामीणों ने सीधा आरोप लगाया कि राजनीति के दांव पेच के चलते मेरे गांव में आज तक आजादी के लगभग 70 साल अधिक हो गए लेकिन विकास के नाम पर यहां कुछ भी नहीं है ना ही स्कूल शौचालय सड़क आवास से यह गांव वंचित है यहां तक आरोप लगाए कि गांव के प्रधान आज तक ग्रामीण देखे नहीं हैं ना ही कभी इस गांव में कोई विकास कार्य हुआ है सबसे बड़ी समस्या जहां शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए प्रदेश सरकार लोगों को प्रेरित करते हैं की बच्चों और बच्चियों को बढ़ाया जाए लेकिन इस गांव में पढ़ने के लिए कोई विद्यालय नहीं है इस गांव में राजनीति का भेंट चढ़ा स्कूल कई बार पास होने के बावजूद भी जनप्रतिनिधियों के खींचातानी के कारण आया हुआ स्कूल दूसरे गांव में चला गया वृद्धा विधवा पेंशन तक इस गांव में नहीं लगा हुआ है। जनप्रतिनिधियों के लापरवाही से इस गांव में विकास कुछ भी नहीं है जनप्रतिनिधि जनता को सिर्फ मीठी गोली दे रहे हैं । इस गांव में सिर्फ पंचायत भवन बना है बाकी विकास के नाम पर यहां कुछ भी नहीं है ।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद के बगल का जिला बस्ती में विकास की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रहा है। जिला अधिकारी बस्ती डॉ राजशेखर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए टीम गठित कर अधूरे बने शौचालय को पूरा कराया जाए साथ ही गांव में सूची में नाम होने पर उनको तत्काल आवास दिया जाए विकास कार्य जल्द से जल्द पूरा कराया जाए दोषी कर्मचारियों के खिलाफ जांच में आने पर कार्रवाई की भी बात कही
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