रिपोर्ट - मोबीन मन्सुरी
कन्नौज
के शहर काजी इस्लामिक विद्वान और धार्मिक गुरु मुफ्ती आफाक अहमद मुजद्ददी
का निधन हो गया। उनको श्रद्धांजलि देने जहां पूर्व सीएम अखिलेश यादव पहुंचे
तो देश विदेश सैकड़ों मेहमान उनके जनाजे में शामिल होने कन्नौज आये ।
विदेशी मेहमानों के साथ लाखों की तादात में लोगों ने उन्हें अश्रुपूर्ण
विदाई दी। कन्नौज
शहर के मदरसा अहमदिया के सरपरस्त मौलाना की पिछले कुछ दिनों से तबीयत खराब
थी। कानपुर के कार्डियोलोजी में इलाज के दौरान शनिवार की सुबह उन्होंने
अंतिम सांस ली। उनके निधन की ख़बर से कन्नौज में शोक की लहर दौड़ गई।
मौलाना अफाक अहमद की पहचान समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय
योगदान के रूप में है। शहर में लड़कों और लड़कियों के लिए कई स्कूल और
मदरसा का संचालन करके वो समाज को शिक्षित कर रहे थे। समाज के सभी वर्ग की
सेवा के लिए उनके कई संगठन सक्रिय थे। गरीबों और जरूरतमन्दों की मदद के लिए
उनके दरवाज़े हमेशा खुले रहते थे। शनिवार को उनके इंतकाल की ख़बर मिलते ही
इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। उनके मदरसा में उनका अंतिम दर्शन के लिए
लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। लोगों के मजमा को देखते हुए पुलिस की तगड़ी
सुरक्षा व्यवस्था करनी पड़ी। पूरे दिन लोग नम आंखों से दर्शन करते रहे।
उनके चाहने वालों को रोते बिलखते देखा गया।
मौलाना के इंतकाल की ख़बर सुनकर
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी यहां
पहुंचे। उन्होंने मदरसा पहुंच कर उनके पार्थिव शरीर के दर्शन किए। उन्होंने
शिक्षा और समाज सेवा के लिए मौलाना की ओर से शुरू की गई पहल की सराहना
की। कहा कि उनका निधन न सिर्फ कन्नौज बल्कि सभी के लिए अपूर्णीय क्षति है।इस्लामिक
विद्वान और धार्मिक गुरु मुफ्ती आफाक अहमद मुजद्ददी मौलाना की सेवाओं से
प्रभावित होने वालों में देश के अलावा विदेशों में भी बड़ी संख्या में
अनुयाई हैं। उनके इंतकाल की ख़बर पर विदेश में मौजूद अनुयायिओं ने मदरसा के
ज़िम्मेदार लोगों से संपर्क किया । उनके जनाजे में बड़ी संख्या में विदेश
से भी लोग शिरकत करने कन्नौज आये । इस्लामिक विद्वान और धार्मिक
गुरु मुफ्ती आफाक अहमद मुजद्ददी हर साल मार्च के महीने में अमन कॉन्फ्रेंस
करते थे। इस अन्तर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में कई देशों के विद्वान शिरकत
करते थे। सभी लोग इस दौरान शिक्षा के प्रसार, बेटियों को शिक्षित करने पर
जोर देने के अलावा भाईचारा का संदेश देते हैं। तीन दिनों तक चलने वाले
आयोजन में बड़ी संख्या में लोग शिरकत करते हैं।मौलाना आफाक अहमद
मुजद्ददी का अंतिम संस्कार के लिए शहर के बोर्डिंग ग्राउंड में नमाज़ ए
जनाजा हुआ, जहां विदेशी मेहमानों के साथ जिले के हर कोने से लाखों लोग
जनाजे में शिरकत करने पहुंचे। मौलाना आफाक को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि
दी । उसके बाद उन्हें मदरसा स्थित खानकाह में सुपुर्दे खाक किया गया ।

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