जिला सवांदाता - अरविन्द शर्मा
हांथो में मेहंदी लगाए कोई लाल जोड़े में तो कोई नकाबों में अपने
जीवनसाथी के इंतजार में पलकें बिछाए बैठी थी। बस फिर इंतजार खत्म हुआ और
घोड़ों पर सवार होकर दूल्हे विवाह स्थल पहुंचे तो मानो वधू पक्ष के चेहरे
खिलखिला उठे। कुछ पल के लिए वधू पक्ष के परिजनों की आंखे नम हो गयी लेकिन
बेटी को दुल्हन के रूप सजा देख पिता को सारे अरमान पूरे होते दिख रहे थे।
ऐसा मनोरम दृश्य आज कानपुर देहात के रसूलाबाद स्थित स्नेहलता डिग्री कालेज
का था, जहां मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह सम्मेलन के दौरान 67 गरीब कन्याओं
का विवाह संपन्न कराया गया।
12 मुस्लिम व 55 हिन्दू जोड़ो के विवाह हुये सम्पन्न
समारोह
स्थल से विधि विधान से वर पक्ष से बारातें उठने के बाद रिमझिम बारिश में
घूमती हुई वापस कार्यक्रम स्थल पहुंची। इसके बाद शादी की रस्म शुरू हुई। एक
तरफ मंडपों के नीचे 55 कन्याओं का हिन्दू रीति रिवाज से विद्वानों ने देवी
देवताओं का आवाह्न कर मंत्रोच्चार से विवाह कराया। वहीं दूसरी तरफ काजी ने
कुरआन की आयतें पढ़ते हुए नकाब में सजी बैठी दुल्हनों व सेहरे में बैठे
दूल्हों से कबूलनामा कर 12 मुस्लिम जोड़ों का निकाह सम्पन्न कराया गया। एक
ही परिसर में दो धर्मों के विवाह संपन्न होते देख लोग गदगद हो उठे। पूरे
परिसर में खुशियों का माहौल बना रहा।
अफसरों व नेताओं ने दिया आशीर्वाद
बड़ा
आकर्षक नजारा दिख रहा था जब एक परिसर में हिन्दू एवं मुस्लिम बेटियों की
शादी हो रही थी और प्रशासन व जनप्रतिनिधि समेत सैकड़ों लोग इन शादियों के
गवाह बने थे। सिर पर पगड़ी लगाए अधिकारी जनाती व बाराती की तरह प्रतीत हो
रहे थे। विवाह की रस्म के बाद विदाई की रस्म आते ही वधू पक्ष के परिजनों
समेत कार्यक्रम स्थल पर मौजूद सभी की पलकें छलक आईं। इस दौरान मौजूद अपर
जिलाधिकारी पंकज कुमार, एसडीएम रसूलाबाद जेपी पांडेय सहित डेरापुर एसडीएम व
अन्य अफसरों ने भी कन्यादान कर वर वधू को आशीर्वाद देकर विदा किया।
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