रिपोर्ट -पुनीत मिश्रा
फर्रुखाबाद स्थित आरटीओ में वसूली के वायरल हुए ऑडियो से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। आॅडियो में एआरटीओ टांसपोर्टर से दो लाख 66 हजार रूपये जुर्माने की राशि को कम करके एक लाख 60 हजार में सेटिंग करते हुए बात कर रहे है। जबकि टांसपोर्टर को एक लाख 6 हजार की रशीद दी गई है। वहीं शनिवार को अधिकारियों के बीच दिनभर इसकी चर्चा होती रही। डीएम मोनिका रानी ने बताया कि इस मामले से शासन को अवगत कराया जाएगा और प्रारंभिक जांच कराकर शासन को भेजी जाएगी। आरटीओ में लाखों रुपये की अवैध वसूली हर माह होती है। शनिवार को एआरटीओ का ऑडियो वायरल हुआ तो हड़कंप मच गया। यह आॅडियो अधिवक्तओं के संज्ञान में आया तो उन्होंने जिलाधिकारी को इसकी गहनता से जांच कराने के लिए लिख दिया। इसमें एआरटीओ स्वधेश तिवारी व पीड़ित टांसपोर्टर गुड्डू यादव की बातचीत है साथ में बिचैलिया भी है। आॅडियो में इसमें सबसे बड़ी समस्या यह है कि ओवरलोड का जुर्माना दोनों पार्टी पर लगता है। एक लाख सोलह हजार है। दो करोड़ 25 लाख का रेवन्यू कम था तो एक मंत्री ने कहा तुम्हारा रेवन्यू कम है तो क्या अब यह हम अपने पास से दूं। ई चालान नेट पर दिखता है। तो अब ऐसा बीच का रास्ता निकाल लो। सीनियर एक्ट का जुर्माना जो है दो लाख 66 हजार का है।
चलो तुम एक लाख 40हजार रूपये लेकर आ जाओ। इधर, पीड़ित ने अधिवक्ताओं के साथ मिलकर डीएम मोनिका रानी से लिखित शिकायत की है। बताते चले कि बलरामपुर के बीजेपी सांसद द्दन मिश्र से विवाद के बाद एआरटीओ स्वधेश तिवारी चर्चा में आए थे। वहीं डीएम मोनिका रानी ने पूरे मामले की जांच शुरू करा दी है। उन्होंने बताया कि अधिवक्ताओं के माध्यम से आॅडियो प्राप्त हुआ है। मामले की जांच कराकर शासन को रिपोर्ट दी जाएगी।
पिछले दिनों अधिवक्ताओं से हुआ था विवादः सुर्खियों में रहने वाले एआरटीओ स्वधेश तिवारी को न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं ने जमकर पीटाई की थी। उनका आरोप था कि मामूली बात पर एआरटीओ ने वकील पर रिवाल्वर तान धमकी दी थी। जिस पर वकीलों ने एआरटीओ को पीटा था।
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