रिपोर्ट -सत्य प्रकाश ; जायेगी
जनपद के कई प्रमुख समस्याओं पर समाधान के लिए पिछले एक महीने से धरने पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रमणि पाण्डेय का अनशन आज प्रशासन द्वारा लिखित आश्वासन मिलने के बाद खत्म कर दिया गया है।
बस्ती के आम आवाम की कई समस्याओं अमहट पुल का निर्माण ,प्रमुख चौराहों पर अंडरपास निर्माण ,द्वितीय विश्व युद्ध के सैनिकों को पेंशन वृद्धि दिए जाने, किसानों के फसल की सुरक्षा अथवा फसल प्रतिपूर्ति दिए जाने ,निजी विद्यालय और निजी चिकित्सालय के सभी कार्यरत शिक्षकों और चिकित्सकों को मानदेय देकर आम -आवाम को शिक्षा चिकित्सा की व्यवस्था निःशुल्क एवं गुणवक्ता परक दिए जाने, बस्ती जनपद में मच्छर की दवा को ईमानदारी से छिड़काव किये जाने गजाधर सिंह इंटर कॉलेज के दसवीं के छात्रों की गणित की परीक्षा पुनः कराने सहित जनहित के मांगों को लेकर विगत 1 माह से धरनारत चन्द्रमणि पांडे का धरना आज समाप्त हो गया।
ज्ञात हो कि श्री पाण्डेय पिछले 8 मार्च से अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हुए थे। अनशन को खत्म कराने के लिए 10 मार्च को सदर विधायक दयाराम चौधरी ने उनसे मुलाकात की लेकिन विधायक द्वारा संतुष्टि न मिलने की वजह से चन्द्रमणि पाण्डेय का आमरण अनशन जारी रहा और स्वास्थ्य खराब होने पर उन्हें जिला चिकित्सालय भर्ती कराया गया।
इसी बीच योगी आदित्यनाथ के बस्ती आगमन के पूर्व 28 मार्च को अचानक सांसद बस्ती पहुंचे और उन्होंने उनकी सारी मांगों को मुख्यमंत्री योगी के सामने रखने व मांगों के निस्तारण का लिखित आश्वासन दैने का भरोसा दिलाते हुए अनशन तो तोड़वा दिया किन्तु योगी के मंच से इनके मांगों का जिक्र नहीं हुआ। चन्द्रमणि पाण्डेय को जब इस बात की जानकारी हुई कि जिस सार्वजनिक मामलों पर समाधान के लिए वे प्राण त्यागने के लिए तैयार थे उस मुद्दे पर मुख्यमंत्री द्वारा कोई चर्चा नहीं की गई।
उसके बाद उन्होंने पत्रवाहक के माध्यम से अधिकारियों को लिखित पत्र भेजकर 30 तारीख को दिन में 12:00 बजे आत्मदाह का फैसला सुना डाला और उन्होंने साफ- साफ लिखा कि मेरे साथ घटित होने वाली किसी भी घटना के जिम्मेदार सांसद बस्ती सदर एवं विधायक के साथ साथ सभी भाजपाई होंगे इतना ही नहीं उन्होंने जिला चिकित्सालय के प्राइवेट वार्ड नंबर 2 का दरवाजा खिड़की बंद कर लिया और दवा लेने से इंकार कर दिया जिससे प्रशासन के हाथ पैर फूल गए पूरी रात श्री पाण्डेय को मानाने के लिए जिम्मेदार लगे रहे।
अंत में दिन में 11:00 बजे उप जिलाधिकारी बस्ती ,जिलाधिकारी बस्ती ,चौकी प्रभारी,अस्पताल चौराहा, शहर कोतवाल मै फोर्स पहुंचे और उनके काफी प्रयास के बाद कमरे का दरवाजा खुला अपर जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी द्वारा समझाने पर भी चन्द्रमणि पाण्डेय मानने को तैयार नहीं थे। उन्होंने सेतु निर्माण निगम का एक पत्र दिखाते हुए कहा कि जब 3 मार्च को सेतु निर्माण निगम की तरफ से प्रस्ताव ही गया है तो 26 फरवरी से नाबार्ड से धन कैसे पास हो गया। वास्तव में जनप्रतिनिधि चाहे सांसद विधायक हों व मंत्री -मुख्यमंत्री वह बस्ती की जनता को ठग रहे हैं और जिस दिन मेरा धरना समाप्त हुआ पुल निर्माण का कार्य रुक जाएगा।
ऐसे में जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता कि पुल निर्माण का कार्य नहीं रुकेगा मैं अपने फैसले पर अटल हूं घंटो जिलाधिकारी कार्यालय पर चली बैठक के बाद अपर जिलाधिकारी बस्ती व सेतु निर्माण निगम के अधिकारियों द्वारा श्री पाण्डेय को लिखित आश्वासन दिया गया कि पुल निर्माण का कार्य शुरू हो गया है और अब वह रुकेगा नहीं। अपने बयान में उप जिला अधिकारी बस्ती व अपर जिलाधिकारी बस्ती ने माना कि चन्द्रमणि पाण्डेय के काफी दिनों से चले आ रहे अथक प्रयास से ही अमहटपुल निर्माण का कार्य शुरू हुआ है इनकी शेष मांगों को भी जिम्मेदार लोगों तक भेज दिया गया है शीघ्र ही इनके जनहित की सभी मांगों का निस्तारण हो जाएगा।
इस मौके पर जहां श्री पाण्डेय के सैकड़ों समर्थक उपस्थित रहे वही जिला अस्पताल के तमाम सारे मरीज के साथ आए लोग भी घंटों घटना क्रम को देखने में व्यस्त रहें श्री पाण्डेय ने अपने सभी सहयोगियो सुजीत चौधरी राम निरंजन वर्मा ,विवेक पाण्डेय ,बृजेश यादव ,सर्वेश यादव ,रामधीरज चौधरी, रमेश चौधरी ,अम्ब्रीश मिश्र, के अलावा अपना दल, किसान यूनियन , रालोद ,आम आदमी पार्टी ,जनता दल यू साहित सभी स्वयंसेवी संगठनों व सहयोगीयों विशेषकर समाजसेवी बबिता शुक्ला को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा यदि आप सबका सहयोग ना होता तो पहले ही दिन मैं विश्वास खो बैठता अपेक्षा है कि हम आप बस्ती की सोई हुई जनता को न केवल जगाने का काम करेंगे अपितु आने वाले दिनों में जनहित की लड़ाई को और तेज करेंगे जिस दिन बस्ती की जनता अपने अधिकारों को लेकर जग जाएगी हमें पुल व पुलिया अंडरपास को लेकर इतनी लंबी लड़ाई नहीं लड़नी पड़ेगी क्योंकि लोकतंत्र में जनता ही जनार्दन है वही द्वारकाधीश है और द्वारकाधीश को छलने वाला चलने वाला नहीं है निश्चित तौर पर 2019 में भारतीय जनता पार्टी धूल में मिल जाएगी
जनपद के कई प्रमुख समस्याओं पर समाधान के लिए पिछले एक महीने से धरने पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रमणि पाण्डेय का अनशन आज प्रशासन द्वारा लिखित आश्वासन मिलने के बाद खत्म कर दिया गया है।
बस्ती के आम आवाम की कई समस्याओं अमहट पुल का निर्माण ,प्रमुख चौराहों पर अंडरपास निर्माण ,द्वितीय विश्व युद्ध के सैनिकों को पेंशन वृद्धि दिए जाने, किसानों के फसल की सुरक्षा अथवा फसल प्रतिपूर्ति दिए जाने ,निजी विद्यालय और निजी चिकित्सालय के सभी कार्यरत शिक्षकों और चिकित्सकों को मानदेय देकर आम -आवाम को शिक्षा चिकित्सा की व्यवस्था निःशुल्क एवं गुणवक्ता परक दिए जाने, बस्ती जनपद में मच्छर की दवा को ईमानदारी से छिड़काव किये जाने गजाधर सिंह इंटर कॉलेज के दसवीं के छात्रों की गणित की परीक्षा पुनः कराने सहित जनहित के मांगों को लेकर विगत 1 माह से धरनारत चन्द्रमणि पांडे का धरना आज समाप्त हो गया।
ज्ञात हो कि श्री पाण्डेय पिछले 8 मार्च से अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हुए थे। अनशन को खत्म कराने के लिए 10 मार्च को सदर विधायक दयाराम चौधरी ने उनसे मुलाकात की लेकिन विधायक द्वारा संतुष्टि न मिलने की वजह से चन्द्रमणि पाण्डेय का आमरण अनशन जारी रहा और स्वास्थ्य खराब होने पर उन्हें जिला चिकित्सालय भर्ती कराया गया।
इसी बीच योगी आदित्यनाथ के बस्ती आगमन के पूर्व 28 मार्च को अचानक सांसद बस्ती पहुंचे और उन्होंने उनकी सारी मांगों को मुख्यमंत्री योगी के सामने रखने व मांगों के निस्तारण का लिखित आश्वासन दैने का भरोसा दिलाते हुए अनशन तो तोड़वा दिया किन्तु योगी के मंच से इनके मांगों का जिक्र नहीं हुआ। चन्द्रमणि पाण्डेय को जब इस बात की जानकारी हुई कि जिस सार्वजनिक मामलों पर समाधान के लिए वे प्राण त्यागने के लिए तैयार थे उस मुद्दे पर मुख्यमंत्री द्वारा कोई चर्चा नहीं की गई।
उसके बाद उन्होंने पत्रवाहक के माध्यम से अधिकारियों को लिखित पत्र भेजकर 30 तारीख को दिन में 12:00 बजे आत्मदाह का फैसला सुना डाला और उन्होंने साफ- साफ लिखा कि मेरे साथ घटित होने वाली किसी भी घटना के जिम्मेदार सांसद बस्ती सदर एवं विधायक के साथ साथ सभी भाजपाई होंगे इतना ही नहीं उन्होंने जिला चिकित्सालय के प्राइवेट वार्ड नंबर 2 का दरवाजा खिड़की बंद कर लिया और दवा लेने से इंकार कर दिया जिससे प्रशासन के हाथ पैर फूल गए पूरी रात श्री पाण्डेय को मानाने के लिए जिम्मेदार लगे रहे।
अंत में दिन में 11:00 बजे उप जिलाधिकारी बस्ती ,जिलाधिकारी बस्ती ,चौकी प्रभारी,अस्पताल चौराहा, शहर कोतवाल मै फोर्स पहुंचे और उनके काफी प्रयास के बाद कमरे का दरवाजा खुला अपर जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी द्वारा समझाने पर भी चन्द्रमणि पाण्डेय मानने को तैयार नहीं थे। उन्होंने सेतु निर्माण निगम का एक पत्र दिखाते हुए कहा कि जब 3 मार्च को सेतु निर्माण निगम की तरफ से प्रस्ताव ही गया है तो 26 फरवरी से नाबार्ड से धन कैसे पास हो गया। वास्तव में जनप्रतिनिधि चाहे सांसद विधायक हों व मंत्री -मुख्यमंत्री वह बस्ती की जनता को ठग रहे हैं और जिस दिन मेरा धरना समाप्त हुआ पुल निर्माण का कार्य रुक जाएगा।
ऐसे में जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता कि पुल निर्माण का कार्य नहीं रुकेगा मैं अपने फैसले पर अटल हूं घंटो जिलाधिकारी कार्यालय पर चली बैठक के बाद अपर जिलाधिकारी बस्ती व सेतु निर्माण निगम के अधिकारियों द्वारा श्री पाण्डेय को लिखित आश्वासन दिया गया कि पुल निर्माण का कार्य शुरू हो गया है और अब वह रुकेगा नहीं। अपने बयान में उप जिला अधिकारी बस्ती व अपर जिलाधिकारी बस्ती ने माना कि चन्द्रमणि पाण्डेय के काफी दिनों से चले आ रहे अथक प्रयास से ही अमहटपुल निर्माण का कार्य शुरू हुआ है इनकी शेष मांगों को भी जिम्मेदार लोगों तक भेज दिया गया है शीघ्र ही इनके जनहित की सभी मांगों का निस्तारण हो जाएगा।
इस मौके पर जहां श्री पाण्डेय के सैकड़ों समर्थक उपस्थित रहे वही जिला अस्पताल के तमाम सारे मरीज के साथ आए लोग भी घंटों घटना क्रम को देखने में व्यस्त रहें श्री पाण्डेय ने अपने सभी सहयोगियो सुजीत चौधरी राम निरंजन वर्मा ,विवेक पाण्डेय ,बृजेश यादव ,सर्वेश यादव ,रामधीरज चौधरी, रमेश चौधरी ,अम्ब्रीश मिश्र, के अलावा अपना दल, किसान यूनियन , रालोद ,आम आदमी पार्टी ,जनता दल यू साहित सभी स्वयंसेवी संगठनों व सहयोगीयों विशेषकर समाजसेवी बबिता शुक्ला को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा यदि आप सबका सहयोग ना होता तो पहले ही दिन मैं विश्वास खो बैठता अपेक्षा है कि हम आप बस्ती की सोई हुई जनता को न केवल जगाने का काम करेंगे अपितु आने वाले दिनों में जनहित की लड़ाई को और तेज करेंगे जिस दिन बस्ती की जनता अपने अधिकारों को लेकर जग जाएगी हमें पुल व पुलिया अंडरपास को लेकर इतनी लंबी लड़ाई नहीं लड़नी पड़ेगी क्योंकि लोकतंत्र में जनता ही जनार्दन है वही द्वारकाधीश है और द्वारकाधीश को छलने वाला चलने वाला नहीं है निश्चित तौर पर 2019 में भारतीय जनता पार्टी धूल में मिल जाएगी

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