ब्यूरो कानपुर - रवि गुप्ता
शनिवार को डीएम विजय विश्वास पन्त ने कलेक्ट्रेट सभागार में शिक्षा की
गुणवत्ता बढाने और शिक्षा विकास के कार्यो की सत्यता जानने के लिए बीएसए और
डीआईओएस समेत आलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। और उन्हें शिक्षा के
हर पहलुओं में सुधार को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं।
कलेक्ट्रेट
सभागार में डीएम विजय विश्वास पन्त ने स्कूलों में उपस्थिति और पंजीकरण व
बच्चों के शैक्षिक स्तर को लेकर और शिक्षा के विकास कार्यो को जानने के लिए
आलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते हुए कहा कि प्रत्येक स्कूलों में
शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिये अध्यापक बच्चों की अनुपस्थिति को अनदेखा न
करें। कोशिश करें कि 100 उपस्थिति प्रतिशत हो गत 2 वर्षों में जिन
विद्यालयों में बच्चों के पंजीयन कम हुए है उनकी सूची बनाई जाए। और बच्चो
के शैक्षिक स्तर को बढ़ाने के लिए 70 प्रतिशत उपस्थित बच्चों को मानक के
अनुरूप उन्हें ज्ञान होना चाहिए। इसके लिए आलाधिकारी जांच करे और दोषी
अध्यापको की जिम्मेदारी तय करे. पंजीयन के बाद जो बच्चे विद्यालय नही आ
रहे है। उनकी बराबर उपस्थिति बनाए रखने के लिए निर्देश देते हुए कहा कि इस
पूरे मामले में मुख्य विकास अधिकारी , एबीएसए , ग्राम प्रधान बैठक कर
अभिभावकों को बताए कि बच्चे के लिए शिक्षा बहुत आवश्यक है इसे गम्भीरता से
ले।
इसके विषय मे अधिकारी अभिभावकों को जानकारी देते हुए बच्चो की उपस्थिति
100 प्रतिशत कराये।बच्चों की लगातार अनुपस्थित होने पर उनके परिजनों से
बात करें और उन्हें स्कूल के लिए प्रोत्सहित करें और समस्त ब्लाकों में 10
अच्छे स्कूलो का चयन कर बच्चों की शैक्षिक स्तर बढ़ाया जाए फिर उसी के आधार
पर समस्त विद्यालयों में अमल कराया जाये। इस दौरान आंकड़ो में बच्चों के
पंजीयन में सबसे कम सरसौल रहा है जिस पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की और
एबीएसए सरसौल को चेतावनी देते हुए कहा कि अपनी कार्य प्रणाली को जल्द से
जल्द सुधारें और इस पुरे मामले को सही से देखा जाए।
वही डीएम ने सभागार में
बैठे अन्य एबीएसए को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि प्राथमिकता के आधार पर
समस्त विद्यालयों में हिन्दी, गणित पर विशेष जोर दिया जाए साथ ही दुरस्त
ग्रामीण क्षेत्रों में औचक निरीक्षण कर अनुपस्थित अध्यापको की सूची तैयार
कर कड़ी कार्यवाही की जाए। प्रत्येक स्थिति में शिक्षा के स्तर को बढ़ाना और
सरकारी विद्यालयों में गुणवत्ता पूर्ण करना ही है इसके लिए जनपद के समस्त
विद्यालयो में जांच कराए कि अध्यापक विद्यालय में उपस्थित है या नही साथ ही
विद्यालयों में बच्चो को वितरण की जाने वाले जूते , मोजे सही दिए जा रहे
है
कि नही उसकी जांच कराने के निर्देश दिये यदि कमी मिलती है तो किसी के भी
विरुद्ध शिकायत मिलती है तो कड़ी कार्यवाही की जायेगी। बच्चों को अब दिये
जाने वाले स्वेटर समय से गुणवत्ता पूर्ण तरह से वितरण किया जाये। इस अवसर
पर डीआईओएस, सतीश तिवारी, डीआईओएस द्वितीय महेश कुमार गुप्ता , बीएसए
प्रवीण मणि तिपाठी तथा समस्त एबीएसए उपस्थित थे।

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